Varuthini Ekadashi 2026: कल रखा जाएगा वरुथिनी एकादशी का व्रत, नोट कर लें पूजा की सामग्री और विधि
TV9 Bharatvarsh April 12, 2026 04:42 PM

Varuthini Ekadashi Vrat kab hai: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के वराह स्वरूप की पूजा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और सभी पापों का नाश होता है. आइए जानते हैं इस दिन से जुड़ी हर जरूरी जानकारी के बारे में.

कब है वरुथिनी एकादशी 2026?

द्रिक पंचांग के मुताबिक, एकादशी तिथि की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को रात 1 बजकर 17 मिनट पर होगी और इसका समापन 14 अप्रैल 2026 को रात 1 बजकर 8 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का निर्धारण उदया तिथि के आधार पर किया जाता है. यही कारण है कि वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा.

वरुथिनी एकादशी की पूजा सामग्री

वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए कुछ जरूरी सामग्री पहले से तैयार कर लेनी चाहिए. पूजा में पीला वस्त्र, भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर, गंगाजल, पंचामृत, तुलसी दल, फल, फूल, धूप, दीप, चंदन, अक्षत और नैवेद्य का विशेष महत्व होता है. तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है, इसलिए तुलसी पत्र जरूर शामिल करें.

वरुथिनी एकादशी की पूजा विधि

वरुथिनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें. घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करके भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें. अब गंगाजल से शुद्धिकरण करें और भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद उन्हें पीले वस्त्र अर्पित करें और चंदन, अक्षत, फूल और तुलसी दल चढ़ाएं. धूप-दीप जलाकर भगवान विष्णु की आरती करें और विष्णु सहस्रनाम या एकादशी व्रत कथा का पाठ करें. दिनभर व्रत रखें और संभव हो तो केवल फलाहार करें. अगले दिन द्वादशी तिथि पर व्रत का पारण करें.

व्रत के नियम

इस दिन सात्विक जीवन शैली अपनाना बहुत जरूरी होता है. झूठ बोलने, क्रोध करने और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए. साथ ही लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से दूरी बनाए रखें. एकादशी के दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है, इसलिए जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान जरूर करें.

वरुथिनी एकादशी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व माना गया है. ऐसा कहा जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति तक हो सकती है और दुर्भाग्य भी दूर होता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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