Income Tax Saving: ₹15.85 लाख सैलरी पर 1 रुपया भी टैक्स नहीं! ऐसे बचाएं पूरा पैसा
TV9 Bharatvarsh April 13, 2026 12:42 PM

Income Tax Saving Calculation: नौकरीपेशा वर्ग के लिए सैलरी का एक बड़ा हिस्सा टैक्स में कटना हमेशा से एक चिंता का विषय रहा है. आम आदमी महीने भर मेहनत करता है और जब सैलरी अकाउंट में आती है, तो टैक्स का एक मोटा हिस्सा पहले ही कट चुका होता है. लेकिन, वित्तीय वर्ष 2026-27 के नए टैक्स नियमों ने मिडिल क्लास को एक बड़ी राहत दी है. आप 15.85 लाख रुपये तक के पैकेज पर अपना टैक्स पूरी तरह से शून्य कर सकते हैं. यह कोई जादू नहीं है, बल्कि नए टैक्स रिजीम के तहत मिलने वाली छूट का सही गणित है. आइए समझते हैं कि कैसे आप अपनी सैलरी स्ट्रक्चर को स्मार्ट तरीके से प्लान करके इस ‘टैक्स जैकपॉट’ का पूरा फायदा उठा सकते हैं.

मील वाउचर है टैक्स बचाने का नया ‘ब्रह्मास्त्र’

नए टैक्स रिजीम में जहां कई पुरानी कटौतियां खत्म कर दी गई हैं, वहीं सेक्शन 115BAC के तहत मील वाउचर (Food Vouchers) एक बड़े रक्षक के रूप में सामने आया है. नियमों के अनुसार, प्रति भोजन 200 रुपये तक के मील वाउचर्स पर पूरी तरह से टैक्स छूट का प्रावधान है. यदि इसे सही तरीके से सैलरी स्ट्रक्चर में शामिल किया जाए, तो यह आपकी ग्रॉस सैलरी को तेजी से कम करने में मदद करता है. एक दिन में लंच और डिनर को मिलाकर 400 रुपये की छूट मिलती है. अगर महीने में 22 दिन काम के माने जाएं, तो यह 8,800 रुपये मासिक और सालाना स्तर पर 1,05,600 रुपये की एक बड़ी टैक्स-फ्री रकम बन जाती है.

₹15.85 लाख की CTC पर क्या है पूरा गणित?

मान लीजिए आपकी कंपनी आपको 15.85 लाख रुपये का सीटीसी (CTC) ऑफर करती है. इस स्थिति में टैक्स प्लानिंग की शुरुआत आपकी बेसिक सैलरी से होती है.

  • बेसिक सैलरी: आमतौर पर यह कुल सीटीसी का 50 प्रतिशत होती है. इस मामले में यह 7,92,500 रुपये बैठेगी.
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन: नई कर व्यवस्था के तहत हर वेतनभोगी कर्मचारी को 75,000 रुपये की फ्लैट छूट (Standard Deduction) मिलती है.
  • एम्प्लॉयर पीएफ योगदान: कंपनी की तरफ से आपकी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत हिस्सा पीएफ खाते में जमा किया जाता है. यह रकम लगभग 95,100 रुपये होती है और यह पूरी तरह से टैक्स के दायरे से बाहर है.
  • एनपीएस (NPS) में योगदान: इनकम टैक्स के सेक्शन 80CCD(2) के तहत, यदि आपका नियोक्ता आपकी बेसिक सैलरी का 14 प्रतिशत नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश करता है, तो करीब 1,10,950 रुपये पर आपको सीधा टैक्स बेनिफिट मिलता है.
  • ऐसे ‘सेफ जोन’ में आएगी आपकी टैक्सेबल इनकम

    अब इस पूरी कैलकुलेशन का निष्कर्ष निकालते हैं. अगर हम आपकी सैलरी में मिलने वाली सभी कटौतियों को एक साथ जोड़ें, तो यह एक बड़ा आंकड़ा बन जाता है. स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75,000 रुपये, पीएफ के 95,100 रुपये, एनपीएस के 1,10,950 रुपये और मील वाउचर के 1,05,600 रुपये को मिलाने पर कुल 3,86,650 रुपये की रकम टैक्स-फ्री हो जाती है.

    जब आप अपनी कुल 15.85 लाख रुपये की सीटीसी में से इस 3,86,650 रुपये को घटाते हैं, तो आपकी नेट टैक्सेबल इनकम लगभग 11.98 लाख रुपये (12 लाख के नीचे) रह जाती है. आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, यदि आपकी कुल टैक्सेबल इनकम 12 लाख रुपये या उससे कम है, तो रिबेट के कारण आपका अंतिम टैक्स शून्य हो जाता है.

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