2 घंटे में पूरा होगा 7 घंटे का सफर, जानें कब से शुरू हो रहा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल रूट
TV9 Bharatvarsh April 13, 2026 12:42 PM

Rishikesh Karnaprayag Rail Project: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. 125 किलोमीटर लंबा यह रेल कॉरिडोर राज्य की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा. यह रेल परियोजना देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरेगी. इससे देवप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों को ऋषिकेश और दिल्ली से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी.

इस परियोजना का ज्यादातर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है. परियोजना में 104 किमी लंबी 16 मुख्य लाइन सुरंगों और लगभग 98 किमी लंबी 12 एस्केप सुरंगों का निर्माण शामिल है. अब तक, 99 किमी लंबी मुख्य लाइन सुरंगें और 94 किमी से ज्यादा लंबी 9 एस्केप सुरंगों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. रेल विकास निगम लिमिटेड ने इस परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है.

2 घंटे में पूरा होगा 7 घंटे का सफर

इस रेल परियोजना में देश की सबसे लंबी रेलवे टनल का भी निर्माण किया जा रहा है. अभी सड़के के रास्ते से ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक जाने में 7 घंटे का समय लगता है. परियोजना शुरू हो जाने के बाद 7 घंटे का सफर महज दो घंटे में पूरा होगा. इससे पर्यटकों के समय और पैसों दोनों की बचत होगी.

परियोजना पूरी होने के बाद यह रेल लाइन न केवल चारधाम यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आपदा के समय राहत कार्यों में भी बड़ी भूमिका निभाएगी. माना जा रहा है कि यह रेल लिंक उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास की नई रफ्तार लेकर आएगा.

कितने लागत से बना रहा रेल मार्ग?

इस रेल लाइन के शुरू हो जाने के बाद देवप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों को ऋषिकेश और दिल्ली से रेल कनेक्टिविटी मिल जाएगी. इस रेल परियोजना पर करीब 37,000 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा के लिहाज से भी इसे हाईटेक बनाया जा रहा है.

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