एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यूपी में तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत नीतिगत समर्थन और निवेश के अनुकूल वातावरण इसे औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बना रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की गति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। राज्य सरकार की नीतियों और सहयोग के कारण उद्योगों को विस्तार का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मौजूद अपार संभावनाएं, बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और युवा कार्यबल इसे देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश न केवल औद्योगिक, बल्कि तकनीकी और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।
अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्यउन्होंने कहा कि लखनऊ स्थित टाटा प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि सप्लायर्स, पार्टनर्स और स्थानीय समुदाय के साथ विकसित एक सशक्त इकोसिस्टम है, जो टाटा समूह और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच विश्वास और साझेदारी का प्रतीक है। 34 वर्षों में 10 लाख वाहनों के उत्पादन का यह माइलस्टोन इस मजबूत संबंध और निरंतर विकास यात्रा को दर्शाता है। एन चंद्रशेखरन ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार अब तक की प्रगति हुई है, अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले दशकों में वैश्विक स्तर पर सबसे तेज गति से बढ़ेगी और उत्तर प्रदेश इस विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
टीसीएस की यूपी यूनिट्स में अगले 5 वर्षों में होंगे 40 हजार प्रोफेशनल्सएन चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा मोटर्स का पोर्टफोलियो तेजी से विस्तृत हो रहा है, जिसमें पारंपरिक डीजल वाहनों के साथ-साथ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और भविष्य में हाइड्रोजन आधारित वाहन भी शामिल होंगे। इससे उत्तर प्रदेश न केवल देश के लिए, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र बन सकता है। टाटा समूह की अन्य कंपनियों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के वर्तमान में लगभग 20,000 प्रोफेशनल्स लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में कार्यरत हैं, जिनकी संख्या अगले पांच वर्षों में 40,000 तक पहुंच सकती है। इसके अलावा पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी समूह का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
मथुरा व गोरखपुर में भी सक्रिय पहल, सीएम का जताया आभारउन्होंने कहा कि टाटा समूह केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। जल संरक्षण, स्किल डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में पहल करते हुए समूह मथुरा में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और गोरखपुर में एआई टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे कार्य कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सहयोग और दूरदर्शी नीतियों के कारण ही यह विकास संभव हो पाया है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala