Akshaya Tritiya 2026: उत्तर प्रदेश वृंदावन में स्थिति बांके बिहारी मंदिर में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व होता है. यह पूरे साल का एकमात्र ऐसा दिन होता है, जब भगवान अपने भक्तों को चरण दर्शन का सौभाग्य प्रदान करते हैं, जिसके दर्शन के लिए भक्त दुनिया के कोने-कोने से आते हैं.
जानिए साल में एक बार होने वाले उसे पवित्र आयोजन के बारे में जब श्री बिहारी जी अपने दिव्य चरणों के दर्शन कराते हैं.
इस साल अक्षय तृतीया का त्योहार 19 अप्रैल 2026, रविवार यानी की आज के दिन ही है. इस खास मौके को ध्यान में रखते हुए श्री बिहारी जी के चरण दर्शन का आयोजन 20, अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि अक्षय तृतीया उदया तिथि के मुताबिक, 20 अप्रैल 2026 को ब्रज क्षेत्र में मनाई जाएगी.
वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10.49 मिनट से लेकर 20 अप्रैल 2026 को सुबह 7.27 बजे समाप्त होगी. अंत में ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के दिव्य चरण कमलों के दर्शन के इच्छुक भक्त 20 अप्रैल को वृंदावन जा सकते हैं.
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अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में होने वाले चरण दर्शन का आध्यात्मिक महत्व काफी ज्यादा है. सामान्यत साल भर भगवान के चरण वस्त्रों से ढके रहते हैं, परंतु इस खास दिन पर भक्तों को उनके चरण दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है.
ऐसा भी माना जाता है कि, मात्र बांके बिहारी जी के इन चरण दर्शन से ही भक्तों के समस्य कष्टों का निवारण हो जाता है और उनके जीवन में सुख और समृद्धि से भर जाता है. इस खास दिन ठाकुर जी पर चंदन का लेप भी लगाया जाता है.
अक्षय तृतीया से पहले ही ब्रज क्षेत्र के निवासी चंदन को घिसना शुरू कर देते हैं, ताकि अक्षय तृतीया वाले दिन बांके बिहारी जी का चंदन से सुंदर से श्रृंगार कर सकें. चंदन लेपन की विधि आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद शुभ मानी जाती है. चंदन का श्रृंगार बांके बिहारी महाराज को काफी प्रिय है.
इस अक्षय तृतीया अगर आप भी वृंदावन जाने की योजना बना रहे हैं, तो बांके बिहारी के चरण कमलों के दर्शन जरूर करें. और उनके समक्ष अपने जीवन की चुनौतियों और परेशानियों से हार ना मानने का आशीर्वाद मांगे. बांके बिहारी नहीं जा सकते हैं, तो घर बैठें ऑनलाइन माध्यम के जरिए बांके बिहारी जी की आरती में शामिल होकर उनके चरण कमलों के दर्शन प्राप्त करें.
इसके साथ ही संभव हो तो, आंख बंद करके किसी शांत जगह पर बांके बिहारी जी का ध्यान करते हुए उनके नाम का उच्चारण करें, और चाहते हैं कि, उनकी कृपा जल्दी प्राप्त हो तो, "राधा रमण" का जाप करें.
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