Vaishakh Vinayak Chaturthi 2026: वैशाख विनायक चतुर्थी आज, शोभन योग के संयोग में ऐसे करें पूजा, बरसेगी बप्पा की कृपा!
TV9 Bharatvarsh April 20, 2026 11:43 AM

Vinayak Chaturthi Puja Vidhi: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है. हर माह आने वाली विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है, लेकिन वैशाख माह में पड़ने वाली विनायक चतुर्थी और भी अधिक फलदायी मानी जाती है. इस साल 2026 में यह पावन व्रत 20 अप्रैल, सोमवार को रखा जा रहा है, और खास बात यह है कि इस दिन शोभन योग का शुभ संयोग भी बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शोभन योग में की गई पूजा-अर्चना जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के द्वार खोलती है. इस शुभ अवसर पर भक्त पूरे विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करते हैं और अपने जीवन के कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं.

क्या है शोभन योग का महत्व?

शोभन योग को बहुत ही शुभ और सौभाग्यदायक योगों में गिना जाता है. इस योग में किए गए धार्मिक कार्य कई गुना अधिक फल प्रदान करते हैं. मान्यता है कि इस समय भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है.

ऐसे करें वैशाख विनायक चतुर्थी की पूजा

सबसे पहले घर के मंदिर या पूजा स्थान को साफ करके वहां भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. अब एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर गणेश जी को विराजमान करें. गणेश जी को गंगाजल से शुद्ध करें और फिर उन्हें दूर्वा (दूब घास), लाल फूल, मोदक या लड्डू अर्पित करें. इसके बाद धूप-दीप जलाकर विधिपूर्वक पूजा करें. गणेश चालीसा या गणेश मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है.दिनभर व्रत रखें और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करें. ध्यान रखें कि चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन के समय सावधानी रखें, क्योंकि इससे जुड़ी मान्यताएं भी विशेष होती हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

इस व्रत को करने वाले साधकों को कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए. व्रत के दौरान सात्विक भोजन ग्रहण करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें. चतुर्थी के दिन किसी का अनादर न करें और मन में शुद्ध विचार रखें. यदि संभव हो तो इस दिन निर्धन व्यक्तियों को लाल फल या अनाज का दान दें.

विनायक चतुर्थी व्रत का महत्व

वैशाख विनायक चतुर्थी का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं. यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो अपने कार्यों में बार-बार असफलता का सामना कर रहे हों. साथ ही, इस व्रत से बुद्धि, विवेक और धन-समृद्धि में वृद्धि होती है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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