भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पांच साल पहले नंदीग्राम के राजनीतिक परिदृश्य की तरह ही एक नाटकीय और महत्वपूर्ण मुकाबले में, सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में हराकर तृणमूल कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया। चुनाव आयोग के अनुसार अधिकारी ने 15,105 मतों के अंतर से जीत हासिल की। यह एक आश्चर्यजनक उलटफेर है क्योंकि बनर्जी शुरुआती दौर में बढ़त बनाये हुए थीं।
शुभेंदु को 73,917 वोट मिले, जबकि बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए। अधिकारी ने इस चर्चित निर्वाचन क्षेत्र में मिली जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद कहा कि मैं भवानीपुर के लोगों को मुझे वोट देने और 15,000 से अधिक मतों के अंतर से विजयी बनाने के लिए धन्यवाद देता हूं। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी नंदीग्राम में अधिकारी ने एक बेहद कड़े मुकाबले में बनर्जी को हराया था।
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17000 वोटों से आगे थींभवानीपुर में सातवें चरण की मतगणना के अंत तक मुख्यमंत्री 17,000 से अधिक मतों से आगे थीं, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उन्होंने निर्णायक बढ़त बना ली है। हालांकि, मतगणना के बाद के चरण में यह बढ़त धीरे-धीरे कम होती गई और अधिकारी ने वापसी करते हुए अंतिम दौर में उन्हें पीछे छोड़ दिया।
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14वें चरण में हुआ तनावमतगणना के 14वें चरण तक बनर्जी की बढ़त घटकर 4,000 मतों से भी कम रह गई थी, जिससे मुकाबला काफी तनावपूर्ण हो गया था। इसके बाद, भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त हासिल कर ली और जीत हासिल की। दिनभर इस सीट पर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला और सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल स्थित मतगणना केंद्र पर दोनों प्रत्याशी मौजूद रहे। बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘क्या आपको लगता है कि यह जीत है? यह एक अनैतिक जीत है। 100 से अधिक सीट की लूट हुई है। निर्वाचन आयोग भाजपा का आयोग है।’
जनादेश में हेराफेरी का दावा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के एक मतगणना एजेंट को जबरन बाहर निकाल दिया गया था और उन्हें (ममता को) मतगणना केंद्र के अंदर ‘धक्का दिया गया और अपशब्द कहे गए।’ इन आरोपों पर निर्वाचन आयोग या भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अपनी जीत के बाद मतगणना केंद्र से बाहर निकलते हुए अधिकारी ने भवानीपुर के मतदाताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि जनादेश बदलाव की इच्छा को दर्शाता है।
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उन्होंने भी कहा कि यह बहुत ज़रूरी था। ममता बनर्जी को हराना बहुत ज़रूरी था। यह ममता बनर्जी का राजनीतिक से रिटायरमेंट है... इस बार भी वे 15,000 से ज़्यादा वोटों से हार गईं। मुसलमानों ने उन्हें दिल खोलकर वोट दिया। वार्ड नंबर 77 में, वोट देने आए सभी मुसलमानों ने ममता को वोट दिया, और हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया और जिताया।ALSO READ: Mamata Banerjee : बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन, बोलीं- EVM लूटी, BJP ने किया अवैध काम, मुझे लात मारी, CCTV बंद किया
सुवेंदु ने कहा कियह जीत हिन्दुत्व की जीत है। CPM के सभी मज़बूत सपोर्टर्स ने मुझे वोट दिया। भवानीपुर में CPM के 13,000 वोट थे, और उनमें से कम से कम 10,000 मुझे मिले। मैं वहां के CPM वोटर्स का भी शुक्रिया अदा करता हूं। सभी बंगाली हिंदुओं ने मुझे दिल खोलकर वोट दिया।