- नए ट्रांसफार्मरों से गुणवत्ता में भी सुधार, ट्रिपिंग की समस्या पर लगाई लगाम
- पीक डिमांड के मामले में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बनकर उभरा
- ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए योगी सरकार के 9 साल में
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते 9 वर्षों के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए है। योगी सरकार ने बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम किया, जिसका असर आज गांव-गांव तक दिखाई दे रहा है। बिजली आपूर्ति, उत्पादन क्षमता, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ता सेवाओं में हुए सुधारों ने उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा कर दिया है। यही नहीं, गांव से लेकर शहर और उद्योगों तक, बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार कर आम जनजीवन और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती दी है।
गांव-गांव तक पहुंची बिजली, मजरों का रिकॉर्ड विद्युतीकरण2017 से पहले जहां प्रदेश में केवल 1.28 लाख मजरों तक ही बिजली पहुंच पाई थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 3 लाख तक पहुंच चुकी है। योगी सरकार ने न केवल बड़े गांवों बल्कि छोटे-छोटे मजरों तक भी बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूनतम 5 घरों वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे हर घर तक बिजली पहुंचाने की दिशा में तेजी आई है।
उपभोक्ताओं की संख्या में दोगुनी वृद्धियोगी सरकार में ऊर्जा के क्षेत्र में हुए विस्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां पहले प्रदेश में 1 करोड़ 80 लाख के लगभग उपभोक्ता थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 3 करोड़ 72 लाख पहुंच गई है। पिछले चार वर्षों में ही करीब 40 से 45 लाख नए कनेक्शन दिए गए हैं। झटपट पोर्टल के माध्यम से नए कनेक्शन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है।
बिजली आपूर्ति में ऐतिहासिक सुधार योगी सरकार में बिजली आपूर्ति का स्तर भी उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुआ है। योगी सरकार में शहरों में 24 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 24 घंटे तक और दूरस्थ गांवों में भी 18 से 22 घंटे बिजली दी जा रही है। पीक डिमांड के मामले में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बनकर उभरा है, जहां वर्तमान में 27,000 मेगावाट की मांग पूरी की जा रही है और यह आंकड़ा 31,000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है।
योगी सरकार ने बिजली वितरण व्यवस्था की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया है। पिछले चार वर्षों में लगभग 30 लाख बिजली के खंभे बदले गए और लाखों ट्रांसफार्मरों का उन्नयन किया गया। प्री और पोस्ट मानसून अभियानों के चलते वर्ष 2025-26 में पावर ट्रांसफॉर्मर क्षति में 80 प्रतिशत और बड़े वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षति में करीब 48 प्रतिशत की कमी आई है। इससे ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
चोरी पर अंकुश और बिलिंग सिस्टम बेहतरराजस्व पारदर्शिता और उपभोक्ता सुविधा के लिए स्मार्ट मीटरिंग को तेजी से लागू किया गया है। प्रदेश में 84 लाख के करीब स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और फीडर मीटरिंग में लगभग 95 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। इससे बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और बिलिंग सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद मिली है। साथ ही प्रदेश में ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है, जबकि कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक हो चुका है।विद्युत भार में 80 प्रतिशत और ऊर्जा बिक्री में 63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में राज्य की कुल अनुबंधित उत्पादन क्षमता 55,860 मेगावाट है, जिसमें तापीय और जल विद्युत दोनों शामिल हैं।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना में उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान परउत्तर प्रदेश अब पारंपरिक ऊर्जा के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना में प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर रहा है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 1560 मेगावाट है। सौर ऊर्जा उत्पादन और इंस्टॉलेशन की गति के मामले में भी प्रदेश अग्रणी बनता जा रहा है। राजधानी लखनऊ इस दिशा में सबसे तेज काम करने वाला शहर बनकर उभरा है।
किसानों के निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली प्रदेश में 2017 से अब तक 765 नए 33/11 केवी उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं और 2455 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है। यह विस्तार बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और मजबूत बनाने में सहायक साबित हुआ है। स्वतंत्रता के बाद जहां केवल तीन प्रमुख उपकेंद्र थे, वहीं अब लगातार नए उपकेंद्र जोड़े जा रहे हैं। योगी सरकार किसानों के निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति कर रही है।
इसके अलावा बिजली बिल राहत योजना के तहत बकाया बिलों में छूट और बिजली चोरी के मामलों में राजस्व निर्धारण राशि में भी राहत प्रदान की गई है। इस तरह योगी सरकार के 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है।
Edited By : Chetan Gour