ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि कब ? नोट करें डेट, पूजा मुहूर्त, बन रहे हैं 2 दुर्लभ संयोग
Jyeshtha Masik Shivratri 2026: पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष के 14वीं तिथि यानी चतुर्दशी के दिन मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है. मासिक शिवरात्रि अर्थात वो दिन जो शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है, इस दिन व्रत शिव साधना करना तमाम धार्मिक कर्म करने के पुण्य समान फल देता है. इस साल ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 15 मई 2026 शुक्रवार को है. इस दिन वृषभ संक्रांति भी है, यानी सूर्य वृषभ राशि में गोचर करेंगे.
ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 2026
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिति 15 मई 2026 को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 16 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी.
- पूजा मुहूर्त - रात 11.57 - देर रात 12.38, 16 मई
- आयुष्मान योग - 14 मई 2026, शाम 5.53 - 15 मई 2026, दोपहर 2.21
- सर्वार्थ सिद्धि योग - सुबह 5.30 - रात 8.14
मासिक शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक कैसे करें
- घर पर रुद्राभिषेक करने के लिए पंच धातु या अष्ट धातु या पीतल से बने शिवलिंग
- पीतल या तांबे की प्लेट पर वेदी पर रखें.
- जल चढ़ाकर अभिषेक शुरू करें. वस्तुओं को चढ़ाने के लिए पंचपात्र के चम्मच का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल न करें.
- अभिषेक करते समय ॐ नमः शिवाय या भगवान शिव के 108 नामों का जाप करें.
- फिर शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं. इसके बाद थोड़ा पानी चढ़ाएं. ये शिलिंग को शुद्ध करने के लिए किया जाता है. इसी तरह दही, घी, शहद चढ़ाने के बाद जल चढ़ाएं.
- इसके बाद आप चंदन अर्पित करें. अभिषेक की थाली हटाकर शिवलिंग फिर वेदी पर रख दें.
- कलावा, चंदन, अक्षत, जनेऊ, बेल पत्र, धतूरे के फूल और फल, अगरबत्ती, फल और नारियल का एक टुकड़ा चढ़ाएं. आरती कर पूजा का समापन करें.
- माना जाता है कि इस दिन पूजा और व्रत करने से जन्म-जन्मांतर के पाप क्षीण होते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की दिशा में प्रगति मिलती है.
- इस दिन ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप मन को शांत करता है और तनाव, चिंता व नकारात्मक विचारों को कम करता है.
- पति-पत्नी के संबंधों में मधुरता आती है अविवाहित लोगों के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.
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