राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को एन. रंगासामी को पुडुचेरी का मुख्यमंत्री नियुक्त किया. गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रपति को एन. रंगासामी को पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त करके प्रसन्नता हुई, यह नियुक्ति उनके शपथ ग्रहण की तारीख से प्रभावी होगी. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अधिसूचना के बाद उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने रंगासामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया.
सूत्रों ने बताया कि रंगासामी 13 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. केंद्र शासित प्रदेश में नौ अप्रैल को हुए चुनाव में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की शानदार जीत के बाद रंगासामी 5वीं बार मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के लिए तैयार हैं.
एनडीए को मिलीं कुल 18 सीटेंबता दें कि विधानसभा चुनाव के परिणाम चार मई को घोषित किए गए. ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस ने 16 में से 12 सीट पर जीत हासिल की, जबकि बीजेपी ने 10 में से चार सीट पर जीत दर्ज की. एनडीए के अन्य घटक दलों, अन्नाद्रमुक और लाचिया जननायगा काची ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की.
पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए की कुल सीट 18 हो गईं. इसके अलावा, तीन मनोनीत सदस्य भी होंगे. वहीं विपक्षी डीएमके ने पांच और कांग्रेस ने एक सीट पर जीत हासिल की. नवगठित तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने दो सीट पर जीत दर्ज की है.
पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे रंगासामीशांत और सौम्य स्वभाव वाले और पेशे से वकील रहे एन. रंगासामी पुडुचेरी के चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इस बार वह पांचवी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. अपनी पार्टी की शुरुआत करने से पहले वह कांग्रेस पार्टी के सीनियर मेंबर थे, लेकिन पार्टी के अंदरूनी कलह के चलते 2008 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. 7 फरवरी 2011 को उन्होंने ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के नाम से अपनी खुद की पार्टी का गठन किया था और 2011 में विधानसभा का चुनाव लड़ा था.
पुडुचेरी में कुल 33 विधानसभा सीटेंपुडुचेरी के इतिहास में वह पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाई और जीत कर मुख्यमंत्री बने. पुडुचेरी में कुल 33 विधानसभा सीटें हैं. इनमें 30 विधायक चुनाव के जरिए चुने जाते हैं, जबकि तीन की केंद्र की ओर से नामित किया जाता है.