लाइव हिंदी खबर :- तमिलनाडु की राजनीति में रविवार को एक नया इतिहास बन गया जब अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की और सत्ता तक पहुंच गई। चेन्नई में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। विजय ने तमिल भाषा में शपथ ली और लोगों का अभिवादन करते हुए नई सरकार की शुरुआत की। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसा पल भी आया जिसने सबका ध्यान खींच लिया। विजय शपथ पढ़ते समय तय शब्दों से आगे बढ़कर कुछ और बोलने लगे। इस पर राज्यपाल आरएन अर्लेकर ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा कि वे केवल वही पढ़ें जो शपथ पत्र में लिखा गया है।
विजय ने तुरंत सिर हिलाकर राज्यपाल की बात मानी और फिर निर्धारित शब्दों में शपथ पूरी की। यह पल सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री पद संभालते ही विजय ने जनता से जुड़े कई अहम फैसले लिए। उन्होंने सबसे पहले जिन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए उनमें 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का आदेश शामिल था। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा दल बनाने और राज्य में नशे के खिलाफ एंटी ड्रग्स स्क्वॉड तैयार करने का फैसला भी लिया गया। विजय सरकार के इन शुरुआती फैसलों को जनता के बीच सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
विजय के साथ उनकी पार्टी के नौ विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। खास बात यह रही कि सरकार को समर्थन देने वाले सहयोगी दलों के किसी भी विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय फिलहाल अपनी पार्टी को मजबूत पहचान देने पर ध्यान दे रहे हैं। नए मंत्रिमंडल में कई युवा और नए चेहरे शामिल किए गए हैं जिससे बदलाव का संदेश देने की कोशिश दिखाई दे रही है।
तमिलगा वेत्री कड़गम की स्थापना को अभी केवल दो साल हुए हैं लेकिन पार्टी ने अपने पहले ही चुनाव में बड़ी सफलता हासिल कर सभी को चौंका दिया। पार्टी ने 234 में से 108 सीटों पर जीत दर्ज की। तमिलनाडु में लंबे समय से द्रविड़ दलों का दबदबा रहा है लेकिन अब पहली बार गैर-द्रविड़ नेतृत्व सत्ता में पहुंचा है। विजय की जीत को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है और अब लोगों की नजर उनकी सरकार के कामकाज पर रहेगी।