टेस्ट मैच में एक-एक रन और एक-एक विकेट के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. अगर ये टेस्ट मैच जून के महीने में करीब 40 डिग्री सेल्सियस की तपती गर्मी में खेला जा रहा हो तो फिर ये मेहनत ज्यादा कड़ी लगती है. खास तौर पर गेंदबाजों और फील्डर्स के लिए ये ज्यादा परेशानी भरा होता है. ऐसे में विकेट का एक भी मौका अगर हाथ से फिसल जाए तो बहुत निराशा होती है. मगर भारत-अफगानिस्तान टेस्ट मैच में तो हद ही हो गई. इस मैच के दूसरे दिन लगातार 2 गेंदों पर अंपायर ने गलत फैसले दिए और दोनों बार अफगानिस्तान के कप्तान हशमतु्ल्लाह शाहिदी ने रिव्यू न लेकर विकेट के मौके गंवा दिए.
न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर में भारत-अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे मैच के दूसरे दिन भी अफगानिस्तान को अंपायर का साथ नहीं मिला. रविवार 7 जून को दूसरे दिन का खेल भारतीय पारी के 86वें ओवर के साथ हुआ और अगले ही ओवर में अफगानिस्तान ने दूसरी नई गेंद ले ली. जल्द ही इसका फायदा भी अफगानिस्तान को मिलता दिखा, जब 89वें ओवर में भारतीय कप्तान शुभमन गिल के खिलाफ LBW की अपील हुई. गिल पहले दिन ही शतक पूरा कर चुके थे और पारी को आगे बढ़ा रहे थे.
89वां ओवर कर रहे ऑलराउंडर अजमतुल्लाह ओमरजाई की चौथी गेंद पर गिल के खिलाफ LBW की अपील हुई, जिसे बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला सैकत ने नॉटआउट करार दिया. काफी देर तक अफगानिस्तानी खिलाड़ियों ने चर्चा की लेकिन कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने आखिरकार DRS नहीं लिया. तुरंत रिप्ले में दिखा कि गेंद स्टंप्स को हिट कर रही थी. ऐसे में अगर अंपायर ने आउट दिया होता तो DRS भी गिल को नहीं बचा सकता था. वहीं अगर अफगानिस्तान ने DRS लिया होता तो उन्हें गिल का विकेट मिल जाता. वो तब 108 रन पर थे.