इजराइल ने रविवार को कहा कि ईरान ने उस पर मिसाइलें दागी हैं जो अप्रैल की शुरुआत में नाजुक युद्धविराम लागू होने के बाद उसकी ओर से किया गया इस तरह का पहला हमला है. इस हमले के बाद युद्ध खत्म करने के मकसद से समझौते के लिए मध्यस्थता के प्रयास और जटिल हो गए हैं. तेहरान ने रविवार को इजराइल द्वारा बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी.
इजराइल ने कहा कि यह हमला ईरान समर्थित हिजबुल्लाह द्वारा दिन में उत्तरी इजराइल पर गोलीबारी किए जाने के जवाब में किया गया. बेरूत पर इजराइल का हमला लेबनान और इजराइल की सरकारों के बीच अमेरिका की मेजबानी में हुई बातचीत में संघर्षविराम पर सहमति बनने के कुछ दिन बाद हुआ. हालांकि, हिजबुल्लाह ने इस समझौते को खारिज कर दिया था. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उसकी एक आवासीय इमारत पर किए गए हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए.
ईरान के हमले को किया नाकामइजराइली सेना ने दावा किया कि ईरान की ओर से दागी गई सभी मिसाइलों को उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया. वहीं, ईरानी सेना ने इजराइल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने लेबनान पर अपने हमले नहीं रोके तो उसे और भी विनाशकारी प्रहारों का सामना करना पड़ेगा. ईरान ने आरोप लगाया कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों को निशाना बनाकर और साउथ लेबनान में हमले तेज करके इजराइल ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं.
‘तेहरान को जलना होगा’इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने अमेरिका के साथ युद्धविराम को इस शर्त पर स्वीकार किया था कि यह सभी मोर्चों पर लागू होने वाला युद्धविराम होगा. आईआरजीसी ने संकेत दिया कि लेबनान में जारी इजराइली सैन्य कार्रवाई इस समझ के विपरीत है. दूसरी ओर, इजराइल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर ने ईरान के हमले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेहरान को जलना होगा.