मध्यप्रदेश में ऑपरेशन लोटस से राज्यसभा चुनाव में खिलेगा कमल?
Webdunia Hindi June 08, 2026 07:42 PM


भोपाल। राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश के सियासी गलियारों मे एक बार फिर ऑपरेशन लोटस की सुगबुगाहट सुनाई देने पड़ने लगी है। राज्यसभा चुनाव में बीजेपी की तीसरे प्रत्याशी के रूप में महेश केवट को मैदान में उतारे जाने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने संभावित राजनीतिक जोड़तोड़ और विधायकों की टूट को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट के नामांकन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में बीजेपी का तीसरा उम्मीदवार जीतेगा। 

 

राज्यसभा चुनाव में बीजेपी की हार्स ट्रेडिंग-सोमवार को कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के बाद कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर उनके विधायकों से  संपर्क करने के आरोप लगाए। पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी कांग्रेस विधायकों को तोडने को कोशिश कर रही है, इसके लिए विधायकों 5-5 करोड़ के ऑफर दिए जा रहे है। वहीं तराना विधायक महेश परमार ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से किसी प्रकार का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है, लेकिन ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि बीजेपी कांग्रेस के कुछ विधायकों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। 

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा की सौदागर हो गई है एक तरफ महिला आरक्षण की बात करती है और दूसरी तरफ महिला उम्मीदवार का ही विरोध, उस स्थिति में कर रही है जब उनके पास विधायकों की संख्या भी कम है इससे पता चलता है कि भाजपा हार्स ट्रेडिंग करना चाहती है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं। 
 

भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद निजी कार्य से दिल्ली गए हैं, जहां से उनके तेलंगाना जाने की संभावना है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि भाजपा ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की है। इसके बावजूद कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करेगी।

 

ऐसे में जब लगातार बीजेपी की ओर से कांग्रेस विधायकों से संपर्क करने की खबरें सामने आ रही है तब कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने की  कोशिश तेज कर दी है। विधायकों को किसी टूट से  बचाने के लिए कांग्रेस विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायकों को शिफ्ट करने को लेकर कर्नाटक के  मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

 

राज्यसभा चुनाव में ऑपरेशन लोटस क्यों जरूरी?- राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी के पास अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल माना जा रहा है। ऐसे में तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारने के फैसले ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा को तीसरे उम्मीदवार की जीत तभी संभव दिख रही है जब उसे विपक्षी खेमे से अतिरिक्त समर्थन मिले। इसी कारण पार्टी के नेताओं ने ऑपरेशन लोटस की आशंका जतानी शुरू कर दी है।

 

मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। जिसमें भाजपा के पास 164 और कांग्रेस के 64 विधायक है। लेकिन दतिया चुनाव शून्य घोषित होने से राजेंद्र भारती मतदान नहीं कर पाएंगे। वहीं विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के राज्यसभा चुनाव में वोट करने पर कोर्ट से रोक लगी हुई है। वहीं बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे लगातार खुलकर बीजेपी के साथ है। सामान्य गणित के अनुसार रा्ज्यसभा में किसी उम्मीदवार को जीत के लिए लगभग 58 वोटों की जरूरत पड़ती है।

वर्तमान विधानसभा गणित देखें तो भाजपा के पास करीब 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में लगभग 64 विधायक हैं। बीजेपी को दो सीटे जीतने के लिए 58-58 यानी 116 वोट चाहिए। ऐसे में बीजेपी के पास 48 वोट बचेंगे और उसे  महेश केवट को जिताने के लिए पार्टी को कम से कम 10 अतिरिक्त वोट चाहिए होंगे और  इसके लिए कांग्रेस विधायकों का समर्थन चाहिए होगा।

 

वहीं मध्यप्रदेश की राजनीति में ऑपरेशन लोटस शब्द नया नहीं है। वर्ष 2020 में रा्ज्यसभा चुनाव के समय ही ऑपरेशन लोट्स के जरिए बीजेपी ने कमलनाथ सरकार को गिरा दिया था अब राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा के तीसरे उम्मीदवार की घोषणा के बाद कांग्रेस को फिर वैसी ही राजनीतिक सक्रियता की आशंका सता रही है।

 

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