भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग अचानक तेज हो गई है. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब ज्यादा ग्राहक EV की ओर रुख कर रहे हैं. स्थिति यह है कि मारुति सुजुकी, मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियां बढ़ती मांग को पूरा नहीं कर पा रही हैं. कई लोकप्रिय मॉडलों पर वेटिंग पीरियड एक से तीन महीने तक का पहुंच गया है. इंडस्ट्री जगत का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी भारतीय ईवी बाजार के लिए बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती है.
मांग ज्यादा, कंपनियां रह गईं पीछेभारतीय ईवी बाजार में पिछले कुछ महीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. जहां पहले ग्राहक चार्जिंग नेटवर्क और ऊंची कीमतों को लेकर चिंतित रहते थे, वहीं अब तेजी से बढ़ते ईंधन खर्च ने इलेक्ट्रिक वाहनों को आकर्षक विकल्प बना दिया है. मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर संतोष अय्यर के अनुसार मार्च के बाद से बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. अप्रैल में लॉन्च हुई सीएलए बीईवी इलेक्ट्रिक सेडान को उम्मीद से कहीं ज्यादा प्रतिक्रिया मिली है और इसकी बुकिंग फिलहाल रोकनी पड़ी है. कंपनी के अनुसार इस मॉडल पर दो से तीन महीने तक का वेटिंग पीरियड पहुंच चुका है, जिससे साफ है कि ग्राहकों की रुचि पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई है.
मारुति और बीएमडब्ल्यू को भी बढ़ानी पड़ी तैयारीदेश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी को भी ईवी सेगमेंट में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. कंपनी की नई ई-विटारा एसयूवी की बुकिंग पिछले एक महीने में दोगुनी हो गई है और इस पर छह से आठ सप्ताह का वेटिंग पीरियड चल रहा है. कंपनी के मार्केटिंग और सेल्स प्रमुख पार्थो बनर्जी का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष ग्राहकों को ईवी की तरफ मोड़ने वाला महत्वपूर्ण कारण बन सकता है. दूसरी ओर बीएमडब्ल्यू इंडिया को भी अपेक्षा से अधिक मांग का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी अब 2026 की दूसरी छमाही के लिए रखे गए ईवी स्टॉक का इस्तेमाल मौजूदा मांग पूरी करने में कर रही है और मुख्यालय से अतिरिक्त आवंटन मांगने की तैयारी में है.
सप्लाई की कमी बनी सबसे बड़ी चुनौतीबढ़ती मांग के बीच अब सबसे बड़ी समस्या प्रोडक्शन और सप्लाई की बन गई है. महिंद्रा की एक्सईवी 9ई और बीई 6 जैसी इलेक्ट्रिक एसयूवी पर चार से आठ सप्ताह तक का इंतजार करना पड़ रहा है. टाटा मोटर्स की पंच ईवी और टियागो ईवी की डिलीवरी में भी करीब छह सप्ताह लग रहे हैं. जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर की विंडसर और जेडएस ईवी, जो पहले तुरंत उपलब्ध थीं, अब लगभग एक महीने के वेटिंग पीरियड के साथ मिल रही हैं. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश चंद्रा के अनुसार कंपनी की कुल बुकिंग में ईवी की हिस्सेदारी 30 से 33 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि वास्तविक डिलीवरी केवल 15 से 16 प्रतिशत है. इससे साफ है कि मांग की तुलना में सप्लाई और सप्लायर नेटवर्क अभी पीछे चल रहे हैं.
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