पेट्रोल कार में गलती से डीजल डाल दिया जाए तो क्या नहीं मिलता है इंश्योरेंस? जानें नियम 
कविता गाडरी June 16, 2026 01:12 PM

Wrong Fuel in Car Insurance Rule: भारत में करोड़ों लोग अपनी कार और बाइक का इंश्योरेंस करवाते हैं, ताकि किसी दुर्घटना या नुकसान की स्थिति में आर्थिक मदद मिल सके. लेकिन कई बार फ्यूल स्टेशन पर जल्दबाजी में पेट्रोल कार में डीजल या डीजल कार में पेट्रोल भरा जाता है. ऐसे में गाड़ी के खराब होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. इसके अलावा लोगों के मन में एक सवाल यह भी उठता है कि अगर पेट्रोल कार में डीजल बढ़ जाए, तो इंश्योरेंस मिलता है या नहीं. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या पेट्रोल कार में डीजल भर जाए तो इंश्योरेंस क्लेम मिलता है या नहीं और इसे लेकर नियम क्या बने हुए हैं. 

गाड़ी में गलत फ्यूल डालने पर क्या होता है?

पेट्रोल और डीजल इंजन अलग तकनीक पर काम करते हैं. अगर पेट्रोल कार में डीजल भर दिया जाए तो इंजन मिसफायर, धुंआ और कार स्टार्टिंग की समस्या आ सकती है. वहीं डीजल कार में पेट्रोल भरना और भी खतरनाक माना जाता है, क्योंकि इससे फ्यूल पंप और इंजेक्टर को नुकसान हो सकता है. अगर गलती का पता समय रहते चल जाए और गाड़ी स्टार्ट न की जाए तो टैंक खाली कराकर बड़ी समस्या से बचा जा सकता है. 

क्या मोटर इंश्योरेंस ऐसी गलती को करता है कवर?

सामान्य मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी मुख्य रूप से दुर्घटना, चोरी, आग, बाढ़ या दूसरे अप्रत्याशित घटनाओं से हुए नुकसान को कवर करती है. गलत फ्यूल भरना आमतौर पर वाहन मालिक की गलती या ऑपरेशनल एरर माना जाता है. इस वजह से ज्यादातर मामले में केवल गलत फ्यूल भरने के कारण हुए नुकसान पर क्लेम नहीं मिलता है. इंश्योरेंस कंपनियां देखती है कि नुकसान किस हादसे की वजह से हुआ है या नहीं. वाहन के गलत इस्तेमाल की वजह से अगर जांच में यह सामने आता है कि वाहन में कंपनी पॉलिसी के उलट फ्यूल डाला गया है, तो कंपनी इसे लापरवाही मान सकती है. ऐसी स्थिति में इंजन, फ्यूल पंप या इंजेक्टर को नुकसान का क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना रहती है. 

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गाड़ी में गलत फ्यूल डाल दें तो सबसे पहले क्या करें?

अगर आपने भी गाड़ी में गलती से गलत फ्यूल डाल दिया है और तो सबसे पहले गाड़ी को बिल्कुल स्टार्ट न करें. गाड़ी को वहीं रोक दें. रोडसाइड असिस्टेंट या टोइंग सेवा की मदद ले और नजदीकी अधिकृत सेवा सर्विस सेंटर से कांटेक्ट करें. इसके बाद फ्यूल टैंक और फ्यूल लाइन की सफाई करवाएं. एक्सपर्ट्स के अनुसार समय रहते सही कदम उठाने पर गलत फ्यूल डालने पर लाखों रुपये के इंजन रिपेयर खर्चे से बचा जा सकता है.

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