
New Delhi, 16 जून . फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘India इनोवेट्स 2026’ के पहले दिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) और आईआईटीएम ग्लोबल ने सात व्यावसायिक तथा दो संस्थागत समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया. एक बयान के अनुसार, इन समझौतों से लगभग 100 मिलियन डॉलर (10 करोड़ डॉलर) के मूल्य सृजन (वैल्यू क्रिएशन) की संभावना है.
आईआईटी मद्रास द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सात व्यावसायिक एमओयू भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों, विशेष रूप से फ्रांस की कंपनियों और संस्थानों से जोड़ते हैं. वहीं, दो संस्थागत समझौते वैश्विक बाजार तक पहुंच, निवेश और नवाचार को तेज करने के उद्देश्य से किए गए हैं.
आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामाकोटी ने कहा, “India इनोवेट्स 2026 भारतीय डीप-टेक क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हुआ है. जिन एमओयू का आदान-प्रदान हुआ है, वे केवल औपचारिक समझौते नहीं हैं, बल्कि व्यावसायिक रूप से लागू किए जाने वाले समझौते हैं, जिनके पीछे गंभीर वित्तीय प्रतिबद्धताएं हैं. India के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों ने साबित कर दिया है कि भारतीय नवाचार वैश्विक मंच पर नेतृत्व करने के लिए तैयार है.”
आईआईटी मद्रास के डीन (औद्योगिक परामर्श और प्रायोजित अनुसंधान) प्रोफेसर मनु संथानम ने कहा कि ये साझेदारियां वैज्ञानिक उत्कृष्टता को सीमाओं के पार आर्थिक मूल्य में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.
एक एमओयू के तहत आईआईटीएम ग्लोबल और अग्ना कैपिटल के बीच रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई है. इसके अंतर्गत ‘India इनोवेट्स फंड’ बनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य उच्च संभावनाओं वाले डीप-टेक स्टार्टअप्स में निवेश को बढ़ावा देना है.
इसके अलावा, आईआईटीएम ग्लोबल और साउथवेस्टएक्स के बीच हुई साझेदारी भारतीय स्टार्टअप्स को जर्मनी और फ्रांस जैसे बड़े यूरोपीय बाजारों तक पहुंचने और वहां विस्तार करने में मदद करेगी.
साझेदारी समझौतों के साथ-साथ आईआईटी मद्रास ने India इनोवेट्स कार्यक्रम में अपने शोध समूहों और स्टार्टअप इकोसिस्टम द्वारा विकसित कई नई तकनीकों और नवाचारों का भी प्रदर्शन किया.
इनमें हाइपरलूप परिवहन तकनीक, 5जी और 6जी संचार प्रणाली, पोर्ट ऑटोमेशन, लैब में विकसित हीरा तकनीक और कम संसाधनों में बेहतर कंप्यूटिंग के लिए विकसित स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम शामिल रहे.
औपचारिक समझौतों के अलावा, इस कार्यक्रम में यूरोपीय संघ के विभिन्न उद्योग जगत के नेताओं, शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों और सरकारी प्रतिनिधियों ने भी रुचि दिखाई.
बयान के अनुसार, यह रुचि संकेत देती है कि भविष्य में आईआईटी मद्रास और आईआईटीएम ग्लोबल के साथ अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, प्रतिभा विकास और बाजार विस्तार जैसे क्षेत्रों में और अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं.
–
डीबीपी