भोपाल। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निजी हाथों में सौंपा जाएगा। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश के तीन जिलों के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को पीपीपी मोड पर संचालित करने के प्रस्ताव पर मंगलवार को कैबिनेट ने अपनी मोहर लगा दी।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से रीवा, देवास एवं गुना जिलों में 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के तहत संचालित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार होगा।
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की बढ़ी लागत- इसके साथ कैबिनेट ने इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत में पांच हजार करोड़ से अधिक की वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत वर्ष 2017 में लगभग ₹7,500 करोड़ आंकी गई थी। परियोजना का पुनरीक्षण किए जाने के बाद इसकी लागत बढ़कर लगभग ₹12,889 करोड़ हो गई है। बढ़ी हुई लागत को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने परियोजना के लिए ₹5,386 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
आज रात 12 बजे तक ट्रांसफर- मध्यप्रदेश में ट्रांसफर की समय सीमा को मंगलवार रात 12 बजे तक बढ़ा दिया गया है। ट्रांसफर नीति के तहत संबंधित कार्यों को पूरा करने के लिए 15 जून तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी, जिसे अधिकांश विभागों ने पूरा कर लिया है। हालांकि कुछ विभागों में कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या अधिक होने के कारण कार्य शेष हैं। ऐसे विभागों को शेष प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए 16 जून तक का अतिरिक्त समय दिया गया है।