उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद ही दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां फादर्स डे से पहले पिता-पुत्र की मौत हो गई. इस घटना से पूरे इलाके में दुख का माहौल है. दरअसल, बड़े बेटे की मौत से दुखी पिता सुसाइड करने के लिए रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे. छोटा बेटे भी उनके पीछे-पीछे ट्रक तक पहुंच गया. छोटा बेटा पिता को समझाते हुए पटरी से हटाने की कोशिश कर ही रहा था, तभी ट्रेन से कटकर दोनों की ही मौत हो गई.
जानकारी के अनुसार, देवरिया जिले के गौरी बाजार के उद्योग नगर वार्ड में रहने वाले श्रवण जायसवाल (55) के दो बटे राकेश और श्वेतांक थे. उनकी एक बेटी भी है. श्रवण रामलक्षन चौराहे पर रेडीमेड की दुकान चलते थे. सभी बच्चे दुकान को चलाने में उनकी मदद करते थे. 7 मार्च को दुकान से बाइक पर घर लौटते हुए बड़े बेटे श्वेतांक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. बड़े बेटे काफी अच्छी तरह पिता का कारोबार संभाल रहा था, लेकिन उसकी मौत के बाद स्थिति बिगड़ने लगी.
तनाव में थे पिताआर्थिक तनाव और बेटे की मौत के बाद पिता तनाव में रहने लगे थे. पिता की अपने बड़े बेटे की याद में पूरी डूब गए थे. उसे याद कर-करके रोया करते थे. इसी बीच शुक्रवार को शाम श्रवण को दुकान बंद कर छोटे बेटे के साथ राकेश के साथ घर पहुंचे. नाश्ता करने के बाद दोनों पिता-पुत्र कपड़े की खरीदारी के लिए जाने की बात कहकर घर से निकल गए. देर रात तक भी घर नहीं लौटने पर परिवार काफी घबरा गया.
बाप-बेटे की दुखद मौतकुछ देर बाद पुलिस ने परिवार को दोनों का शव रेलवे से ट्रैक से बरामद होने की सूचना दी, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई. मोहल्ले में सन्नाटा छा गया. जिस लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन के नीचे कटने से उनकी मौत हुई, उसके ड्राइवर ने जो बताया उसने सभी को झकझोर कर रख दिया. ड्राइवर ने बताया कि पिता सुसाइड के इरादे से रेलवे ट्रैक पर आकर बैठ गए थे. बेटा उन्हें ऐसा न करने के लिए समझाता रहा, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे. ट्रेन ड्राइवर लगातार हॉर्न देता रहा इस दौरान पिता को बेटे को हटने का इशारा करता रहा, लेकिन दोनों में से कोई भी पटरी से नहीं हटा और उनकी मौत हो गई.