ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी
मुख्यमंत्री ने इस दर्दनाक घटना की जांच के लिए 2 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है। इस मामले में 4 अफसर भी सस्पेंड कर दिए गए हैं। इस हादसे के बाद CM योगी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और इसकी सख्त जांच के आदेश दिए हैं' उन्होंने सोमवार देर शाम हादसे को लेकर हाईलेवल मीटिंग की थी।
कैसे लगी आज, जांच में क्या सामने
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई हो सकती है। उत्तरप्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार, भवन में सुरक्षित निकास मार्ग नहीं होने के कारण धुएं से दम घुटने की स्थिति बनी, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। भवन निर्माण मानकों में संभावित लापरवाही की भी जांच की जाएगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
आग पर काबू पाने के बाद बचाव दल ने पास की इमारत के जरिए स्ट्रेचर अंदर पहुंचाए। रेस्क्यू टीम ने प्रभावित भवन की दीवार में छेद कर लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने और घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। मैंने खुद घटनास्थल का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया और अस्पताल जाकर वहां भर्ती घायल मरीजों से मुलाकात की। उन्हें सही इलाज मिल रहा है। शुरुआती इलाज के बाद कई लोगों को डिस्चार्ज दे दी गई। 2-3 मरीज अभी भी यहां हैं और उनका बिना किसी परेशानी के सही इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और जहां जरूरी होगा, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही कोई नतीजा निकाला जा सकता है।
ALSO READ: Bharat Bhushan Tiwari : कौन थे भरत तिवारी, 17 जून को क्या हुआ था, क्यों सुप्रीम कोर्ट पहुंचा एनकाउंटर मामला, कैसे मची बिहार की सियासत में खलबली
किस-किस हुई गिरफ्तारीपुलिस ने जांच के बाद बिल्डिंग मालिक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में 3 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। जिनकी गिरफ्तारी हुई है उनमें बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला और एनिमेशन ट्रेनिंग स्टूडियो का मालिक तुषांत जैसवाल शामिल हैं। इसके अलावा एक और आरोपी रामकृष्ण उपाध्याय की भी गिरफ्तारी हुई है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि बचाव अभियान को तेजी से पूरा किया गया और अधिकांश लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि दमकल कर्मियों ने पड़ोसी मकान की दूसरी मंजिल की दीवार तोड़कर भवन में प्रवेश किया। घने धुएं को बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट फैन लगाए गए और कमरे-दर-कमरे तलाशी अभियान चलाया गया। हर कमरे और शौचालय की जांच की गई ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर न छूटे। Edited by : Sudhir Sharma