दिल्ली एयरपोर्ट पर ट्रॉली में छिपाकर लाया गया 34.67 करोड़ का हेरोइन जब्त, भारतीय यात्री गिरफ्तार
अभिषेक नयन, दिल्ली June 23, 2026 07:12 PM

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम्स अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 34.67 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की है. इस मामले में एक भारतीय यात्री को गिरफ्तार किया गया है. बरामद मादक पदार्थ का कुल शुद्ध वजन 6.934 किलोग्राम बताया गया है.

कस्टम्स विभाग के अनुसार, कुआलालंपुर से मंगलवार (16 जून, 2026) को फ्लाइट संख्या OD-205 के जरिए नई दिल्ली पहुंचे एक भारतीय यात्री को प्रोफाइलिंग के आधार पर टर्मिनल-3 के ग्रीन चैनल पर रोका गया. कस्टम अधिकारियों को यात्री की गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसकी विस्तृत जांच की गई.

दो ट्रॉली बैग की तलाशी में मिला प्रतिबंधित पदार्थ

जांच के दौरान यात्री के पास मौजूद दो ट्रॉली बैगों की एक्स-रे स्क्रीनिंग और गहन तलाशी ली गई. इस दौरान चार पैकेट बरामद हुए, जिनमें सफेद रंग का पाउडरनुमा पदार्थ भरा हुआ था. शुरुआती जांच में यह पदार्थ हेरोइन होने का संदेह जताया गया.

जांच में हेरोइन होने की पुष्टि

कस्टम्स अधिकारियों द्वारा किए गए जांच परीक्षण में बरामद पदार्थ प्रथम दृष्टया हेरोइन पाया गया. जब्त किए गए मादक पदार्थ का कुल शुद्ध वजन 6,934 ग्राम दर्ज किया गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 34.67 करोड़ रुपये आंकी गई है. 

NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए कस्टम्स विभाग ने यात्री को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही बरामद हेरोइन और उसके पैकिंग सामग्री को भी जब्त कर लिया गया है.

कस्टम्स अधिकारियों का कहना है कि पकड़ी गई हेरोइन की इस बड़ी खेप के पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है. एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद मादक पदार्थ का स्रोत क्या था, इसकी डिलीवरी किसे होनी थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं.

हाल के दिनों में लगातार पकड़ी गई ड्रग्स की बड़ी खेपें

IGI एयरपोर्ट पर हाल के दिनों में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है. 1 जून, 2026 को बैंकॉक से दिल्ली पहुंचे एक यात्री को कस्टम्स ग्रीन चैनल पार करने के बाद रोका गया था. उसके सामान की एक्स-रे जांच में संदिग्ध तस्वीरें सामने आने पर विस्तृत तलाशी ली गई, जिसमें तीन वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए. इन पैकेटों में लगभग 1.57 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) छिपाकर लाई जा रही थी. जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत करीब 55 लाख रुपये आंकी गई थी. इस मामले में कस्टम्स ने तस्करी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.

गीजर के भीतर छिपाकर लाई गई थी 15.38 KG हाइड्रोपोनिक वीड

कस्टम्स अधिकारियों ने 7 जून, 2026 को एक बेहद शातिर तस्करी प्रयास का पर्दाफाश किया था. कुआलालंपुर से फ्लाइट डी7-182 से पहुंचे दो यात्रियों को प्रोफाइलिंग और खुफिया सूचना के आधार पर रोका गया. जांच के दौरान अधिकारियों की नजर उनके साथ लाए गए दो नए गीजरों पर गई.

मोबाइल फोन की जांच और पूछताछ के बाद संदेह गहराने पर गीजरों का एक्स-रे कराया गया. गीजरों को खोलने पर उनके अंदर विशेष रूप से तैयार किए गए खांचों में छिपाए गए 145 वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए. इनमें कुल 15.38 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड मिली, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5.38 करोड़ रुपये बताई गई. दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था.

बैंकॉक से आए यात्री के बैग से मिली 4.045 KG हाइड्रोपोनिक वीड

बैंकॉक से 8 जून, 2026 को दिल्ली पहुंचे एक अन्य यात्री को ग्रीन चैनल पार करने के बाद शक के आधार पर रोक कर उसके सामान की एक्स-रे जांच में संदिग्ध संकेत मिलने पर अधिकारियों ने बैग की गहन तलाशी ली. तलाशी के दौरान छह वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए, जिनमें लगभग 4.045 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड छिपाकर लाई जा रही थी. बरामद मादक पदार्थ की बाजार कीमत करीब 1.42 करोड़ रुपये आंकी गई थी. मामले में कस्टम्स ने एनडीपीएस कानून के तहत कार्रवाई करते हुए आगे की जांच शुरू की थी.

भारतीय यात्री से 6.93 किलो गांजा-मारिजुआना बरामद

वहीं, 9 जून, 2026 को बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री को प्रोफाइलिंग के आधार पर दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर रोका गया था. उसके काले रंग के ट्रॉली बैग की एक्स-रे जांच और विस्तृत तलाशी के दौरान आठ पॉलीथीन पाउच बरामद हुए. इन पाउचों में 6,939.5 ग्राम गांजा/मारिजुआना छिपाकर रखा गया था. परीक्षण में बरामद पदार्थ गांजा होने की पुष्टि हुई. इसकी अनुमानित कीमत लगभग 2.43 करोड़ रुपये बताई गई. कस्टम्स अधिकारियों ने यात्री को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार कर मादक पदार्थ और पैकिंग सामग्री को जब्त कर लिया था.

तस्करी नेटवर्क की तलाश में जांच जारी

जून महीने में लगातार सामने आए मामलों ने यह संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर भारत में मादक पदार्थों की खेप पहुंचाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. हालांकि, कस्टम्स और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते कई बड़े तस्करी प्रयास लगातार विफल हो रहे हैं.

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