ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार (23 जून) को एक दिन के पाकिस्तान दौरे पर पहुंचे.पेजेश्कियान का यह दौरा स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत के बाद हुआ, जिसमें दोनों पक्ष 60 दिन के भीतर अंतिम समझौता करने के लिए एक ड्रॉफ्ट पर तैयार हुए थे. उन्होंने इस दौरान कहा कि अगर उनके पास आत्मरक्षा के लिए मिसाइलें नहीं होतीं तो अमेरिका और इजरायल ईरान को उसी तरह रौंद देते, जिस तरह गाजा को रौंदा गया.
'वे हम पर दया नहीं दिखाते'
पाकिस्तान में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, अगर हम अपनी रक्षा करने में सक्षम न होते, तो वे निश्चित रूप से चाहें युवा हो या बुजुर्ग, हमारे देश पर दया नहीं दिखाते और हमारी शक्ति को नष्ट कर देते. इसलिए, हम किसी भी परिस्थिति में अपनी रक्षात्मक क्षमताओं पर किसी से भी बातचीत नहीं करेंगे.' इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कह दिया था कि डील में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल हैं.
ईरान-यूएस डील पर क्या बोले पेजेश्कियान?
सरकारी प्रेस टीवी की खबर के मुताबिक, पेजेश्कियान ने यूएस से डील को लेकर कहा कि समझौते से पश्चिम एशिया में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी. पेजेश्कियान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि 'बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि जिन मुद्दों पर सहमति बनी है उनको जिम्मेदारी से लागू किया जाए. उन्होंने कहा, 'इस राह में प्रगति को स्वीकार की गई जिम्मेदारियों के व्यावहारिक पालन से मापा जाएगा. समझौते के मसौदे से हटकर दिए गए बयान बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करते हैं.'
स्विट्जरलैंड में रविवार (21 जून) और सोमवार (22 जून) को लेक ल्यूसर्न शिखर बैठक में हुई हाईलेवल वार्ता उस ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ के तहत हुई, जिस पर गुरुवार (18 जून) को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य विवादित मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए साइन किए थे.
सरकारी मीडिया के मुताबिक, राष्ट्रपति पेजेश्कियान एक हाईलेवल डेलिगेशन के साथ स्पेशल विमान ‘मिनाब 168’ से इस्लामाबाद पहुंचे. यह विमान ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों के पीड़ितों खासकर मिनाब स्कूल के उन 168 छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए है, जो इन हमलों में मारे गए थे. ईरान के राष्ट्रपति के तौर पर पाकिस्तान की यह उनकी दूसरी यात्रा थी.
होर्मुज पर कंट्रोल के लिए ईरान-ओमान ने बनाई कमेटी
ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट के प्रशासन (नियंत्रण) को लेकर जाइंट कमेटी बनाई. इस समिति में जहाजों के प्रबंधन, उससे जुड़ी सेवाएं और संबंधित फीस पर विचार-विमर्श किया जाएगा. मंगलवार (23 जून) को ओमान की राजधानी मस्कट में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची की यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान किया गया.
ईरान और ओमान ने घोषणा की कि दोनों देश अपने-अपने विदेश मंत्रालयों के स्तर पर गठित नवगठित संयुक्त समिति के माध्यम से होर्मुज के मुद्दे परामर्श की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे. यह सहमति ईरानी प्रतिनिधिमंडल और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के बीच हुई वार्ता के दौरान बनी.