भरत तिवारी एनकाउंटर: भाई ने छोड़ी पुलिस की नौकरी, बोला- 7 दिन में लेंगे बदला; क्या अपने ही विभाग से करेगा बगावात?
TV9 Bharatvarsh June 24, 2026 05:43 PM

Bharat Bhushan Tiwari encounter Mahapanchayat: बिहार में भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब विवाद और गहरा गया है. मामले को लेकर आयोजित सर्व समाज महापंचायत में मृतक के चचेरे भाई ने मंच से ऐसा ऐलान किया, जिसने पूरे बिहार में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. खुद को बिहार पुलिस में कार्यरत बताते हुए उन्होंने अपने भाई की मौत को लेकर न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाया और पुलिस सेवा छोड़ने की घोषणा कर दी.

भोजपुर जिले के बाबा कुंडेश्वर नाथ मंदिर परिसर में आयोजित महापंचायत में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच भरत तिवारी के चचेरे भाई ने बिहार सरकार और प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया. उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर एनकाउंटर में शामिल आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें सजा नहीं मिली, तो परिवार न्याय की गुहार लगाना बंद कर देगा और खुद न्याय करने के लिए मजबूर होगा.

‘न्याय नहीं मिल रहा, वर्दी में नहीं रह सकते…’

महापंचायत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह स्वयं बिहार पुलिस का हिस्सा हैं, लेकिन जब उनके अपने भाई को न्याय नहीं मिल रहा है, तो वह इस वर्दी में बने नहीं रह सकते. उन्होंने मंच से कहा कि वह तत्काल प्रभाव से अपनी नौकरी छोड़ रहे हैं. उनके इस बयान के बाद सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया.

मृतक के चचेरे भाई ने पुलिस द्वारा पेश की गई एनकाउंटर की कहानी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा देने वाली व्यवस्था ही सवालों के घेरे में हो, तब आम लोगों का भरोसा टूटना स्वाभाविक है. उनका दावा है कि भरत तिवारी की मौत एक सुनियोजित कार्रवाई का परिणाम है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

भाई के ऐलान का वीडियो

सरकार ने उचित कदम नहीं उठाया तो…

महापंचायत में मौजूद लोगों ने भी दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. सभा के दौरान कई वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने उचित कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

इस बीच, एक सेवारत पुलिसकर्मी द्वारा सार्वजनिक मंच से नौकरी छोड़ने और अपने ही विभाग के खिलाफ खुलकर बोलने की घोषणा ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. आशंका जताई जा रही है कि निर्धारित सात दिनों के बाद आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है.

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प्रशासन की कार्रवाई पर निगाहें

गौरतलब है कि भरत भूषण तिवारी का परिवार लंबे समय से पुलिस सेवा से जुड़ा रहा है. उनके पिता काशीनाथ तिवारी बिहार पुलिस से सेवानिवृत्त हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी पुलिस सेवा की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में परिवार के भीतर से ही पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों ने इस पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है.

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी, मानवाधिकार संगठनों की सक्रियता और कानूनी कार्रवाई की मांग तेज है. अब महापंचायत में दिए गए इस अल्टीमेटम के बाद मामला एक नए मोड़ पर पहुंच गया है और सभी की निगाहें सरकार तथा प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.

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