Jagannath Rath Yatra 2026: जगन्नाथ जी की रथयात्रा के दौरान इस प्रसाद को ग्रहण करना है मना, लगता है महापाप!
TV9 Bharatvarsh June 24, 2026 06:43 PM

Puri Jagannath Rath Yatra 2026: ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ जी का पावन धाम स्थित है. यहां हर साल भगवान जगन्नाथ जी, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा जी की रथयात्रा निकाली जाती है. इस साल जगन्नाथ जी की रथयात्रा का पावन पर्व 16 जुलाई को प्रारंभ होगा और 24 जुलाई को इसका समापन होगा. इस यात्रा में लाखों लोग शामिल होते हैं. धार्मिक मान्यता है कि भगवान की रथयात्रा में शामिल होने रथों को खींचने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है.

जगन्नाथ जी रथयात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और परंपरा का एक अनोखा संगम माना जाता है, लेकिन इस यात्रा के दौरान एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे. इस परंपरा का नाम है अधारा पान. ये रथयात्रा के दौरान किया जाने वाला एक धार्मिक अनुष्ठान है. इसमें एक खास प्रसाद बनाया जाता है, जिसे आम भक्तोंं को ग्रहण करने से मना किया जाता है. आइए जानते हैं इसका कारण क्या है?

बनाया जाता है विशेष पेय प्रसाद

मान्यता है कि भगवान की रथयात्रा में न सिर्फ इंसान, बल्कि देवता, भूत पिशाच और नकारात्मक शक्तियां भी शामिल होती हैं. माना जाता है कि भूत पिशाच तीनों रथों के नीचे होते हैं. जब भगवान जगन्नाथ यात्रा से पुरी के मंदिर लौट रहे होते हैं, तब अधारा पान नाम का ये धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है. ये अनुष्ठान यात्रा के दसवें, ग्यारहवें और बारहवें दिन यानी तीन दिन चलता है. इस अनुष्ठान में नौ मिट्टी से बने घड़ों में दूध, तुलसी, केला, कपूर, काली मिर्च, दालचीनी जैसी चीजों से बना विशेष पेय प्रसाद भरा जाता है. सफेद रंग का ये पेय खीर जैसा लगता है.

भक्तों को इसे पीना क्यों होता है मना?

हालांकि, चौंकाने वाली बात ये है कि इसे कोई नहीं पीता-ना भक्त, ना पुजारी. इसे रथ पर भगवान के होंठों से छुआकर सड़क पर फैला दिया जाता है. इस प्रसाद को पीना मना होता है, क्योंकि यह सिर्फ भगवान को समर्पित किया जाता है. इसके बाद इसको इसे उन अदृश्य शक्तियों के लिए छोड़ दिया जाता है जो इंसानी दुनिया से बाहर की मानी जाती हैं. उन अदृश्य शक्तियों को शांत रखने के लिए अधारा पान जमीन पर गिराया जाता है, ताकि वो इसे ग्रहण कर सकें. मान्यता है कि अगर इस प्रसाद को कोई भक्त ग्रहण करता है, तो उसे महापाप लग जाता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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