Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर आज विष्णु जी को जरूर लगाएं इन 4 चीजों का भोग, मिलेगी श्री हरि की कृपा!
TV9 Bharatvarsh June 25, 2026 11:43 AM

Nirjala Ekadashi Bhog: आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. धर्म शास्त्रों में इसको सबसे बड़ी और अधिक पुण्यदायी एकादशी माना गया है. ये व्रत सबसे कठिन माना जाता है, क्योंकि भगवान विष्णु के भक्त इस व्रत को निर्जला यानी बिना जल ग्रहण किए हुए रखते हैं और श्री हरि का पूजन करते हैं. जो लोग पूरे साल एकादशी व्रत नहीं रखते हैं उनको ये व्रत अवश्य रखना चाहिए. ये व्रत बड़ा लाभकारी है.

धार्मिक मान्यता है कि निर्जला एकादशी साल भर की एकादशी व्रतों का पुण्य दे दे देती है. साथ ही इस व्रत को रखने से आत्मा को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है और वैकुंठ धाम में स्थान प्राप्त होता है. आज भगवान विष्णु की पूजा के समय उनको उनकी प्रिय चीजों का भोग जरूर लगाएं. ऐसा करने से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर धन धान्य से भरा रहता है.

निर्जला एकादशी पर विष्णु जी को लगाएं इन चीजों का भोग

केला: निर्जला एकादशी के दिन यानी आज भगवान विष्णु को केले का भोग अवश्य लगाएं. केला भगवान विष्णु को अतिप्रिय है. इस पेड़ में भगवान विष्णु वास भी करते हैं. साथ ही ये पीले रंग का होता है और ये भगवान विष्णु का प्रिय रंग है. धार्मिक मान्यता है किपके हुए पीले रंग के केले को भोग के रूप से अर्पित करने पर भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं.

तुलसी: तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी का वास माना जाता है. तुलसी भगवान विष्णु को अतिप्रिय है. यही कारण है कि तुलसी को हरिप्रिया भी कहा जाता है. मान्यता है कि तुलसी के बिना भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं, इसलिए आज विष्णु पूजन के समयभोग में तुलसी के कुछ पत्ते जरूर डालें.

पीले रंग की मिठाई: चूंकि भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए आज उनको पीले रंग की मिठाई का भोग जरूर लगाएं. इसके लिए केसर पेड़ा, पीले रंग के रसगुल्ले, गुड़ से बनी मिठाई ली जा सकती है. मान्यता है कि भगवान को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाने से जीवन की समस्याएं कम होती हैं. कार्यक्षेत्र में लाभ मिलता है.

पंजीरी: भगवान विष्णु को पंजीरी का भोग भी अत्यंत प्रिय है. आज पूजा के समय भगवान को ये भोग भी अवश्य लगाएं. पंजीरी के भोग से भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है. इस भोग को लगाने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी दूर होते हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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