School Transport Fee: पैरेंट्स के लिए बच्चों की फीस को लेकर तो हमेशा शिकायत रहती है, लेकिन इन दिनों एक बात काफी चर्चा में चल रही है. वह है छुट्टियों के दौरान पूरा ट्रांसपोर्ट चार्ज वसूलने की. कई पैरेंट्स का कहना है कि जब स्कूल की छुट्टियां होती हैं या फिर बच्चों को बस से लाने-ले जाने की जरूरत ही नहीं होती, तब भी स्कूल उनसे पूरे महीने की बस फीस ले लेते हैं.
आज के समय में यह मामला सिर्फ एक-दो स्कूलों का नहीं रह गया है, बल्कि कई जगहों से सामने आ रहा है, जिसकी वजह से पैरेंट्स पर आर्थिक बोझ ज्यादा पड़ता है. ऐसे में अगर आप भी इस परेशानी में फंसे हैं और आपको समझ नहीं आ रहा कि कहां शिकायत करें, तो ऐसे में यह जानकारी आपके लिए बेहद खास साबित हो सकती है. आपको जानकर खुशी होगी कि इस पर फी फिक्सेशन एंड रेगुलेशन कमेटी ने इसके लिए सख्त सर्कुलर जारी कर दिया है. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी.
जब गर्मी या सर्दी की लंबी छुट्टियां होती हैं, तो स्कूल बसें भी नहीं चलती हैं, इसके बावजूद कुछ स्कूल पैरेंट्स से पूरे महीने का ट्रांसपोर्ट चार्ज वसूल लेते थे, जो सही नहीं माना जाता है. इसी तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एफएफआरसी यानी फी फिक्सेशन एंड रेगुलेशन कमेटी ने एक सख्त सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि स्कूल छुट्टियों के दौरान ट्रांसपोर्ट फीस का 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा नहीं वसूल सकते हैं. यह नियम गर्मियों की छुट्टियों और सर्दियों की छुट्टियों दोनों स्थितियों पर लागू होता है.
इसके अलावा कमेटी ने एडवांस फीस को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया है. कई स्कूल पैरेंट्स से एक साथ 3 से 6 महीने की फीस मांगते हैं. इस पर कमेटी ने स्पष्ट किया है कि ट्यूशन फीस हर महीने ली जानी चाहिए, और अगर कोई पैरेंट अपनी सुविधा के लिए खुद एडवांस में फीस देना चाहता है तो वह दे सकता है, लेकिन स्कूल किसी भी पैरेंट को एडवांस फीस देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता.
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अगर अब बात करें इसकी शिकायत की, तो अगर आपके बच्चे का स्कूल भी छुट्टियों के दौरान पूरा ट्रांसपोर्ट चार्ज वसूल रहा है या एडवांस फीस के लिए दबाव बना रहा है, तो इसके लिए सबसे पहले आप अपने जिले की फी फिक्सेशन एंड रेगुलेशन कमेटी या शिक्षा निदेशालय के ऑफिस में लिखित शिकायत दे सकते हैं. साथ ही ज्यादातर राज्यों में शिक्षा विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का ऑप्शन मौजूद रहता है, जहां आप स्कूल का नाम, फीस की रसीद और अपनी शिकायत की पूरी डिटेल्स के साथ कंप्लेंट फॉर्म भर सकते हैं. शिकायत करते समय फीस की रसीद, बैंक स्टेटमेंट और स्कूल के साथ हुई बातचीत के सबूत आपके पास जरूर होने चाहिए, कमेटी इन्हीं सबूतों के आधार पर जांच करती है.
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