UPSC ने किया बड़ा बदलाव… डुप्लीकेट एप्लीकेशन हटाने के लिए कर रहा AI का इस्तेमाल, 600 आवेदन किए गए निरस्त
TV9 Bharatvarsh June 27, 2026 12:43 AM

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपने सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है. UPSC अब आवेदन प्रक्रिया में आने वाले डुप्लीकेट एप्लीकेशन की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI) की मदद ले रहा है. इसी कड़ी में यूपीएसससी CS एग्जाम 2026 के लिए प्राप्त हुए आवेदनों में डुप्लीकेट एप्लीकेशन की पहचान करते हुए 600 आवेदनों को निरस्त किया गया है. यूपीएससी ने एग्जाम में सभी तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए इस नए बदलाव को लागू किया है. पूजा खेड़कर मामले के बाद यूपीएससी ने अपने सिस्टम को अधिक पुख्ता करने के लिए ये कदम उठाए हैं. असल में UPSC ने 2026 एग्जाम के लिए कई टेक्नोलॉजी-आधारित बदलावों को लागू किया था, जिसके तहत कैंडिडेट्स के आधार-आधारित ऑथेंटिकेशन, लाइव फोटो, फेस मैचिंग और AI-पावर्ड डी-डुप्लीकेशन (डुप्लीकेट एप्लीकेशन हटाना) शामिल था.

आइए, पूरा मामला विस्तार से समझते हैं. जानते हैं कि यूपीएससी का AI आधारित नया सिस्टम कैसे काम करता है. जानते हैं कि कैसे इस नए सिस्टम का फायदा कैंडिडेट्स को होगा.

600 कैंडिडेट्स के आवेदन निरस्त किए गए

यूपीएससी 2026 एग्जाम के लिए कुल 8.18 लाख कैंडिडेट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था. जबकि 2025 में 9.5 लाख कैंडिडेट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2026 एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले 94% कैंडिडेट्स ने 2025 में भी रजिस्ट्रेशन कराया था. उन्होंनेनए एप्लीकेशन पोर्टल के जरिए आधार ऑथेंटिकेशन का विकल्प चुना, जिससे वे यूनिक आवेदक बन गए और डुप्लीकेशन की कोई गुंजाइश नहीं रही.

वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके बाद बचे हुए 49,000 कैंडिडेट्स के डेटा का AI के माध्यम से विश्लेषण किया गया, जिसके तहत उनके नाम, अभिभावकों का नाम, फोटो, जन्मतिथि की पड़ताल की गई. साथ ही यूपीएससी ने अपने पिछले 15 साल के डेटा का भी विश्लेषण कैंडिडेट्स की प्रयास सीमा पता करने के लिए किया. इसमें ऐसे 600 कैंडिडेट्स ऐसे पाए गए, जिन्होंने एग्जाम देने के अपने प्रयास और आयु सीमा को पूरा कर लिया था. इसके बाद उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए.

पहले इंटरव्यू स्तर पर होती थी इस तरह की जांच

असल में यूपीएससी अपने पुराने डेटा से नए कैंडिडेट्स का डेटा पहले भी मिलाता था, जिसके तहत पहले तक इंटरव्यू स्टेज में इस तरह की जांच की जाती थी, लेकिन अब प्रीलिम्स के लिए प्राप्त आवेदन के समय ही इस तरह की जांच की जा रही है. जानकारी के मुताबिक UPSC की तरफ से लागू किए AI सिस्टम को सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की मदद से विकसित किया है.

पूजा खेड़कर विवाद के बाद UPSC की हुई किरकिरी

असल में बीते साल पूर्व IAS ट्रेनी पूजा खेडकर का विवाद सामने आया था. पूजा खेड़कर पर आरोप था कि उन्होंने अपना और अपने माता-पिता का नाम बदलकर, प्रयासों की तय सीमा पूरी करने के बावजूद 2022 में सिविल सेवा परीक्षा दी थी, जिसमें उनका चयन हो गया था. जांच के बाद यूपीएससी ने 2024 में उनकी नियुक्ति रद्द कर दी थी, लेकिन इस मामले में यूपीएससी की किरकिरी हुई थी.

क्या हैं यूपीएसससी में आवेदन से जुड़े नियम?

यूपीएससी की तरफ से निर्धारित नियमों के अनुसार CS समेत अन्य एडमिनिस्ट्रेटिव एग्जाम में जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट्स सिर्फ 6 बार ही शामिल हो सकते हैं. अधिकतम उम्र 32 साल निर्धारित है. इसी तरह OBC कैंडिडेट्स की अधिकतम उम्र 35 साल और 9 मौके उन्हें दिए जाते हैं, जबकिSC और ST कैंडिडेट्स के लिए अधिकतम उम्र 37 साल और मौके असिमित हैं.

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