Maharashtra TET paper leak Case: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. पेपर लीक की घटना के बाद महाराष्ट्र राज्य शिक्षक सेना ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है. संगठन का आरोप है कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है, जिसका खामियाजा ईमानदारी से तैयारी करने वाले शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है.
शिक्षक सेना का कहना है कि राज्य के सेवारत शिक्षक पहले से ही स्कूलों की शैक्षणिक जिम्मेदारियों के अलावा विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं. उन्हें चुनाव संबंधी ड्यूटी, बीएलओ (BLO), सर्वेक्षण, एसआईआर (SIR) और अन्य सरकारी कार्यों की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है. ऐसे में परीक्षा की तैयारी के लिए समय निकालना ही एक बड़ी चुनौती है. इसके बावजूद यदि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो जाए, तो यह मेहनत करने वाले शिक्षकों के साथ अन्याय है.
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांगसंगठन ने इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने, पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और वर्तमान में सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET परीक्षा रद्द करने की मांग की है. शिक्षक सेना का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक शिक्षकों का सरकार पर भरोसा बहाल नहीं हो सकता.
इन मांगों को लेकर महाराष्ट्र राज्य शिक्षक सेना ने 28 जून को दोपहर 2:30 बजे जोगेश्वरी (पूर्व) स्थित शिक्षण निरीक्षक कार्यालय (पश्चिम विभाग), यूसुफ मेहरअली कॉलेज परिसर में आंदोलन करने का फैसला किया है. संगठन ने कहा है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन सरकार तक शिक्षकों की आवाज मजबूती से पहुंचाई जाएगी.
राज्यभर में आंदोलन का ऐलानआंदोलन का नेतृत्व शिक्षक सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक जे. एम. अभ्यंकर करेंगे. संगठन ने राज्यभर के शिक्षकों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. उनका कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और लाखों शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा सवाल है. अब सभी की निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं कि वह शिक्षकों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है?