मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में अंधविश्वास की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. जिले के सुमनियावाट गांव में एक महिला को कथित तौर पर ‘डायन’ बताकर लगातार प्रताड़ित किया गया. पीड़ित महिला अपने पति के साथ न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची, जहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की. मामले ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पीड़ित दंपती का आरोप है कि गांव के ही रिश्तेदार उनकी पत्नी को लंबे समय से ‘डायन’ और ‘भूतड़ा’ कहकर बदनाम कर रहे हैं. महिला के पति का कहना है कि उनके काका का बेटा गांव वालों के सामने उनकी पत्नी का अपमान करता है और अंधविश्वास फैलाकर परिवार को सामाजिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है. इतना ही नहीं, आरोपी कथित तौर पर महिला को जबरन गाय के मांस का पानी पिलाने जैसी अपमानजनक बातें कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है.
पीड़ित दंपति ने SP को दिया आवेदनएसपी को दिए गए आवेदन में पीड़ित परिवार ने बताया कि वे खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन गांव के कुछ लोग अंधविश्वास के कारण उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं. आरोपी आए दिन मारपीट करते हैं, जान से मारने की धमकी देते हैं और उनके बच्चों तक को परेशान करते हैं. पीड़ित का आरोप है कि हाल ही में आरोपियों ने उनके घर पर पत्थरबाजी की और शाम के समय धंधली (पारंपरिक हथियार) लेकर घर के बाहर पहुंच गए.
डरा-धमकाने का आरोपइस दौरान उन्होंने जोर-जोर से चिल्लाकर पूरे परिवार को डराने और धमकाने की भी कोशिश की. पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले उमराली पुलिस चौकी में भी की थी. वहां रिपोर्ट तो दर्ज की गई, लेकिन आरोप है कि पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और न ही किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई की गई. कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौंसले और बढ़ गए हैं, जिससे पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है.
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पीड़ित महिला ने क्या कहा?आवेदन में पीड़ित महिला ने साफ लिखा है कि ‘डायन नाम की कोई चीज नहीं होती. समाज की कुरीतियों के कारण हमें प्रताड़ित किया जा रहा है. हमें और हमारे परिवार को जान-माल का खतरा है. प्रशासन हमें सुरक्षा दें और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे, ताकि हम अपने ही घर में सम्मान और निर्भयता के साथ रह सकें. इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस का कहना है कि आवेदन के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि समाज में आज भी मौजूद अंधविश्वास और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव की सोच को उजागर करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि डायन जैसी कुप्रथाओं के नाम पर महिलाओं को प्रताड़ित करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में त्वरित एवं सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसी भी महिला को अंधविश्वास के नाम पर अपमान और उत्पीड़न का सामना न करना पड़े.