बुधवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण जेट फ्यूल या एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगभग 5 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई. सरकारी फ्यूल कंपनियों ने ATF की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर की कटौती की, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत लगभग 110 रुपए प्रति लीटर हो गई. यह कटौती हाल के हफ्तों में इंटरनेशनल तेल की कीमतों में नरमी के बाद की गई है.
इससे एयरलाइंस को राहत मिली है, जिनके लिए फ्यूल सबसे बड़ा ऑपरेटिंग खर्च है. इस बदलाव से घरेलू एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत कम होने की उम्मीद है, हालांकि इसका कितना फायदा होगा, यह एयरलाइंस की फ्यूल खरीदने और हेजिंग रणनीतियों पर निर्भर करेगा. ATF की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों के औसत और मौजूदा रुपए-डॉलर एक्सचेंज रेट के आधार पर बदलाव किया जाता है.
इससे पहले बुधवार को, तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 जुलाई से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपए की कटौती की, जो इस साल कमर्शियल LPG दरों में पहली कटौती थी. घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया. यह बदलाव पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद किया गया.
एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलावइस बीच, मंगलवार को केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया, जबकि घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया. नई दरों के तहत, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 4 रुपए प्रति लीटर, डीजल पर 8.5 रुपए प्रति लीटर और ATF पर 7.5 रुपए प्रति लीटर तय की गई है. वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ये बदलाव, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और रिफाइंड फ्यूल की कीमतों के रुझानों के आधार पर एक्सपोर्ट लेवी की सरकार की पाक्षिक समीक्षा का हिस्सा हैं.
छूट का दायरा भी बढ़ाया गयाएक्सपोर्ट ड्यूटी सिस्टम इस साल की शुरुआत में शुरू किया गया था ताकि वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय एक्सपोर्ट को हतोत्साहित करके पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके. इस समीक्षा में नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका के अलावा मॉरीशस और मालदीव को सरकारी तेल कंपनियों द्वारा किए जाने वाले एक्सपोर्ट के लिए इन शुल्कों से छूट का दायरा भी बढ़ाया गया है. इन नोटिफिकेशन्स का भारत में बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी पर कोई असर नहीं पड़ता है, जिसका मतलब है कि रिटेल फ्यूल की कीमतें वैसी ही रहेंगी.