राम मंदिर मामले में दोषी को बचाने की कोशिश कर रही एसआईटी: अजय राय
Indias News Hindi July 02, 2026 03:42 AM

Lucknow, 1 जुलाई . यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अयोध्या यात्रा से पहले नजरबंद करने, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच, मंदिर प्रबंधन, उज्जैन के महाकाल मंदिर में दान की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों और उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के दस्तावेज अपलोड करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग पर प्रतिक्रिया दी.

अयोध्या यात्रा के दौरान हाउस अरेस्ट किए जाने के सवाल पर अजय राय ने कहा कि इनकी जो चोरी का जो प्रकरण है, उसको पूरी तरीके से दबाना चाहते हैं, उसको ढकना चाहते हैं. इस नाते हम लोगों को दर्शन करने नहीं दिया. हम भगवान श्रीराम का दर्शन करना चाहते हैं, उसके लिए आप रोक देंगे? इससे साबित होता है कि वहां पर जितने भी लोग व्यवस्था में लगे हैं, वो सभी लोग कहीं ना कहीं पूरी तरीके से दोषी हैं और उस मामले को दबाने के लिए ये रोक रहे थे, लेकिन हमलोगों ने दर्शन किए. इनकी जो चोरियां हैं, वो सब सामने आ गईं. वहां के लोग मुंह खोलकर बोल रहे हैं कि इन्होंने चढ़वा चोरी में जबरदस्त चोरी किया है.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए एसआईटी को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने पर उन्होंने कहा कि यह पहले से शंका थी कि एसआईटी जो जांच कर रही है, एसआईटी में जो अधिकारी हैं, विजय विश्वास पंत जो चेयरमैन हैं, वह प्रयागराज के भगदड़ में मुख्य व्यक्ति है. महाकुंभ में जब स्नान प्रारंभ हुआ था, उस दिन उस व्यक्ति ने सुबह ही कहा था कि ‘उठो, उठो, सवेरा हो गया, जो सो रहा है वह खो रहा है, अमृत वर्षा हो रही है, पहुंचो.’ उसके बाद भगदड़ हुई. विजय विश्वास पंत के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई. वह पूरी तरीके से Government के दबाव में काम कर रहे हैं और Government जो चाहेगी उसी तरीके से काम कर रहे हैं. एसआईटी की जांच का कोई अर्थ ही नहीं है. उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से समयबद्ध जांच कराई जाए, जिससे समयबद्ध तरीके से चीजें आ सकें. एसआईटी को बार-बार समय देना इससे साबित होता है कि गलत लोगों, जितने भी गलत हैं, चोर लोग हैं, उनको बचाने का प्रयास है.

राम मंदिर का संचालन साधु-संतों के हाथों में होने संबंधी महंत धर्मदास के बयान पर अजय राय ने कहा कि निश्चित तौर से जो धर्मदास ने कहा है, शत-प्रतिशत सही कहा है कि इसमें हमारे चारों पीठ के शंकराचार्य और जो धर्म गुरु हैं, उनसे वार्ता करके और धर्म से जो जुड़े लोग हैं, संत-महात्मा, उनको इस ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया जाए और जो अयोध्या वासी हैं, जिन्होंने भगवान राम की सेवा की है, उन अयोध्या वासियों को स्थान मिलना चाहिए. अयोध्या के लोगों को पूरा सम्मान मिलना चाहिए.

उज्जैन के महाकाल मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि जहां भी मंदिर हैं, महाकाल के मंदिर में आपने देखा, एक बार हल्की सी आंधी आई, तो पूरी तरीके से महाकाल में बने उन सप्तऋषियों की मूर्तियां थीं, नंदी थे, सब गिर गए. यह कारण यही है कि केवल चोरी किया और Gujarat के ठेकेदारों को लाकर दिया. जैसे बनारस में दिया, बनारस में भी ऐसा ही सब Gujarat के ठेकेदारों को देकर काम कराया. अभी मुझे पता चला कि मथुरा-वृंदावन में जो बांके बिहारी जी का मंदिर है, वहां से भी लोगों ने उस, वहां से भी वो ट्रस्ट का पैसा निकाल के Government ने वहां की 25 रजिस्ट्रियां कराई हैं. उन 25 रजिस्ट्रियों में भी बांके बिहारी जी के मंदिर का पैसा लगाया है, जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश है कि बांके बिहारी जी के मंदिर का एक पैसा भी Government इस्तेमाल नहीं कर सकती, उसके बावजूद इन्होंने बांके बिहारी जी का मंदिर का पैसा लगा के रजिस्ट्री कराई है, जो निश्चित तौर से यह Government की चोरी और जो लूट है, वह सामने आ रही है.

उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के दस्तावेज अपलोड करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग पर अजय राय ने कहा कि मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि जहां पर भी इस तरह की चीजें हैंने, उसको निश्चित तौर से समय के साथ करना चाहिए. अगर उनकी मांग है कि समय बढ़ाना चाहिए तो समय उनको देना चाहिए.

/डीकेपी

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