NEET UG-JEE स्कोर का लोड होगा खत्म! MBBS व इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए 12वीं के नंबरों को वेटेज देने की तैयारी
TV9 Bharatvarsh July 02, 2026 11:43 PM

NEET UG : नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) यूजी और ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) से होने वाले एडमिशन के पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी है. इस बडे़ बदलाव के तहत नीट स्कोर से MBBS समेत दूसरे मेडिकल कोर्सों में होने वाले एडमिशन और जेईई स्कोर से इंजीनियरिंग में होने वाले एडमिशन का प्रारूप बदल सकता है, जिसके तहत सिर्फ नीट यूजी और जेईई स्कोर के आधार पर मेडिकल और इंजीनियिरिंग कोर्सों में एडमिशन नहीं मिलेगा. एडमिशन के लिए 12वीं के नंबरों को भी 50 फीसद वेटेज दिया जा सकता है. इस संबंध में केंद्र सरकार जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है.

आइए, पूरा मामला विस्तार से समझते हैं. जानते हैं कि जेईई और नीट के पैटर्न में बदलाव का मामला कहां से सामने आया है. जानेंगे कि क्यों इस तरह के बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है. साथ ही जानेंगे कि अभी तक एडमिशन देने की व्यवस्था क्या है.

शिक्षा मंत्रालय की कमेटी कर रही विचार

नीट यूजी और जेईई के पैटर्न में बदलाव संंबधी विचार केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से गठित कमेटी कर रही है. इस 9 सदस्यीय कमेटी का गठन 17 जून 2025 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने किया था, जिसकी अध्यक्षता उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी कर रहे हैं. समाचार एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार इस समिति का गठन स्टूडेंट्स की कोचिंग पर निर्भरता कम करने, “डमी स्कूलों” के प्रसार और अहम एंट्रेंस टेस्ट में निष्पक्षता की जांच करने के लिए किया गया था. इस पर अमल करते हुए कमेटी इस तरह के बदलाव पर काम रही है. कमेटी अगले सप्ताह अपनी रिपोर्ट सरकार काे सौंप सकती है.

जेईई-नीट स्कोर के 50% और 12वीं नंबरों के 50 % वेटेज से एडमिशन

समाचार एजेंसी PTI ने सूत्राें के हवाले से रिपोर्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की 9 सदस्यीय कमेटी MBBS समेत दूसरे मेडिकल कोर्सों व इंजीनियरिंग में एडमिशन का सिस्टम बदलने पर विचार कर रही है. इस विचार के तहत जेईई-नीट यूजी का वर्चस्व कम होगा. यानी कि MBBS समेत दूसरे मेडिकल कोर्सों व इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जेईई व नीट स्कोर को 50 फीसदी वेटेज दिया जाएगा तो वहीं 50 फीसदी वेटेज 12वीं के नंबरों को मिलेगा. दोनों को मिलाकर फाइनल मेरिट लिस्ट बनेगी.

इस कारण बदलाव पर विचार

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की कमेटी एंट्रेंस एग्जाम का दबाव कम करने के लिए इस तरह के बदलाव पर विचार कर रही है. साथ हीएग्जाम सिस्टम में कई गड़बड़ियों, पेपर लीक के बाद उठाया जा सकता है. PTI ने अपने सूत्रों के हवाले से कहा है किजिन बदलावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें एडमिशन/मेरिट में बोर्ड के अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज देना, कोचिंग सेंटरों पर निर्भरता कम करने के लिए एंट्रेंस टेस्ट को स्कूल के सिलेबस से बेहतर ढंग से जोड़ना, कई बार प्रयास करने का मौका देना और धीरे-धीरे अडैप्टिव ऑन-डिमांड कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट की ओर बढ़ना शामिल है.

अभी नीट व जेईई स्कोर के आधार पर एडमिशन

अभी की व्यवस्था में मेडिकल कोर्सों व इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए 100 फीसदी वेटेज नीट और जेईई को दिया जाता है. मसलन, इन एंटेंस एग्जाम के स्कोर के आधार पर ही एडमिशन दिया जाता है. 12वीं में पढ़ने के दौरान या पास करने के बाद ये एंट्रेंस एग्जाम दिए जा सकते हैं, लेकिन 12वीं के नंबरों को एडमिशन में वेटेज नहीं दिया जाता है.

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