Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. अजीत सिंह को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई 61 गणित शिक्षकों की भर्ती, नियुक्ति, काउंसलिंग, वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय मामलों में गंभीर अनियमितताओं के प्रथम दृष्टया प्रमाण मिलने के बाद की गई है.
जांच समिति ने मानीं गंभीर अनियमितताएंविभागीय जांच में सामने आया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान शासनादेशों और न्यायालय के निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया. जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि डॉ. अजीत सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी लाभ के लिए कार्य किया और कई मामलों में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बरती. रिपोर्ट के आधार पर शासन ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया.
भर्ती की फाइलें आवास ले जाने का आरोपजांच में यह भी आरोप सामने आया कि 61 गणित शिक्षकों की भर्ती से संबंधित महत्वपूर्ण पत्रावलियां और अभिलेख कार्यालय से अपने सरकारी आवास ले जाए गए, जिन्हें बाद में वापस कार्यालय में जमा नहीं कराया गया. इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई और कई जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं हो सके.
रिश्वत मांगने की शिकायत भी जांच में शामिलडॉ. अजीत सिंह पर एक सेवानिवृत्त शिक्षक की पेंशन फाइल के निस्तारण के लिए 20 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप भी लगा है. इस शिकायत को भी विभागीय जांच का हिस्सा बनाया गया. इसके अलावा चयनित शिक्षकों के वेतन भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों में भी गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं पाई गईं. वहीं ECCE इंस्ट्रक्टर भर्ती में शासनादेशों का पालन न करने के आरोप भी जांच में सही पाए गए.
राज्यपाल के आदेश पर हुई कार्रवाईअपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट और विभागीय जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद राज्यपाल की मंजूरी से डॉ. अजीत सिंह को निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उन्हें शिक्षा निदेशक (बेसिक), लखनऊ कार्यालय से संबद्ध किया गया है. साथ ही, संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल को इस प्रकरण का विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है.
अन्य कर्मचारियों पर भी गिर सकती है गाजसूत्रों के मुताबिक, मामले की विभागीय जांच अभी जारी रहेगी और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी. यदि जांच में उनके खिलाफ भी अनियमितताएं सामने आती हैं तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है. BSA के निलंबन के बाद जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है.