Viral: '8 महीने से 5 घंटे से ज्यादा नहीं सोया हूं…' इस Rapido राइडर की वायरल कहानी कलेजा चीर देगी
TV9 Bharatvarsh July 03, 2026 02:43 PM

Emotional Story: जिंदगी कई बार ऐसे इम्तिहान लेती है कि सुनकर ही इंसान अंदर तक हिल जाए. दिल्ली-NCR से सामने आई यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. जब हम और आप ऑफिस के थोड़े से काम या नींद पूरी न होने का रोना रोते हैं, वहीं हमारे बीच एक ऐसा शख्स भी है जो पिछले 8 महीनों से सिर्फ 5 घंटे सो रहा है. वजह है एक मजबूर पिता का अपने दिव्यांग बच्चे के इलाज और परिवार को पालने का कभी न टूटने वाला जज्बा. आइए जानते हैं इस रैपिडो राइडर (Rapido Rider) की पूरी कहानी.

दिल को पिघला देने यह कहानी तब सामने आई जब शिखर नाम के एक X (पहले ट्विटर) यूजर को ऑफिस के लिए देर हो रही थी. उन्होंने मेट्रो के बजाय रैपिडो बुक की. राइडर भी तुरंत पहुंच गया और नीचे आने में 5 मिनट की देरी होने पर उसने शिखर को तीन बार फोन किया. जब शिखर बाइक पर बैठे, तो उन्होंने मजाक में पूछा कि अरे भाई इतनी हड़बड़ी किस बात की. राइडर का जवाब चौंकाने वाला था, भैया…मुझे भी ऑफिस के लिए लेट हो रहा है.

20,000 रुपए की सैलरी, 10 हजार की दवाई

शिखर को पहले लगा कि राइडर उनके मजे ले रहा है, लेकिन बातचीत बढ़ी तो एक कड़वा सच सामने आया. राइडर ने बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में 20 हजार महीने की नौकरी करता है. घर में पत्नी और तीन बच्चे हैं. उनका एक बच्चा जन्मजात दिव्यांग है, जिसके इलाज और दवाइयों में हर महीने 10,000 रुपए यानी सैलरी का आधा हिस्सा खर्च हो जाता है. इसी खर्च को पूरा करने के लिए इस पिता ने अपनी नींद और आराम को ताक पर रखकर रैपिडो चलाना शुरू किया.

रोंगटे खड़े कर देने वाला डेली रूटीन

इस राइडर का 24 घंटे का शेड्यूल किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देगा. सुबह 6 बजे से 9 बजे तक वह बाइक लेकर निकलता है और रैपिडो चलाता है. इसके बाद 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक अपनी प्राइवेट नौकरी पर पहुंचता है और पूरा दिन काम करता है. ऑफिस के बाद से रात 11 बजे तक वह फिर सड़कों पर उतर जाता है और देर रात तक लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाता है. यह भी पढ़ें: Viral: ‘मैं स्कूल का बच्चा नहीं हूं…’ बीमार Gen Z कर्मचारी ने Boss को दिया ऐसा जवाब, इंटरनेट पर मचा गदर!

सोशल मीडिया पर लोग हुए भावुक

जब शिखर ने पूछा कि इतनी भागदौड़ में वह सोता कब है, तो उसने मुस्कुराकर कहा, पिछले 8 महीनों से 5 घंटे से ज्यादा नहीं सोया हूं. अब भगवान की यही मर्जी है, तो यही सही. शिखर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इतने संघर्ष के बाद भी उस राइडर के चेहरे पर कोई शिकायत या शिकन नहीं थी. वह मुस्कुराते हुए अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहा था. यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई. लोग इस राइडर के जज्बे को सलाम कर रहे हैं. किसी ने उसे असली हीरो बताया, तो किसी ने लिखा कि परिवार के लिए किया गया यह संघर्ष किसी इबादत से कम नहीं है. यह भी पढ़ें: Viral: 15 रुपए का ऑर्डर, 500 की टिप…महिला की दरियादिली देख रो पड़ा Blinkit डिलीवरी बॉय! देखें वीडियो

life humbled me again today

i usually take the metro to work but this morning i was running late so i booked a rapido

the rider reached in 2 minutes

i was not able to find my room keys so it took me another 5 minutes to get downstairs. in those 5 minutes he called me 3 times pic.twitter.com/aMFp0hOg5S

— Shikhar (@shekhu04) July 1, 2026

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