अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े प्राइवेट-सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम की नींव रखी. यह केंद्र के ‘आत्मनिर्भर भारत’ प्रोग्राम के तहत कंपनी के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लक्ष्यों को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है. इस फैसिलिटी की नींव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में रखी गई.
कंपनी ने कहा कि यह इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मिसाइल बनाने की पूरी वैल्यू चेन-कच्चे माल से लेकर मिशन के लिए तैयार मिसाइल सिस्टम तक – को एक ही छत के नीचे लाएगी, जो भारत के प्राइवेट सेक्टर में पहली बार हो रहा है. समारोह में बोलते हुए अडानी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर जीत अडानी ने कहा कि हम आज एक ऐतिहासिक मौके के लिए यहां जमा हुए हैं – जहां दक्षिण एशिया के सबसे बड़े प्राइवेट-सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम की नींव रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि यह फैसिलिटी कच्चे माल और मिशन के लिए तैयार मिसाइलों को एक ही छत के नीचे लाएगी – जो पब्लिक सेक्टर के बाहर एक ऐतिहासिक पहल है.
2,500 करोड़ रुपए का निवेशशिवपुरी कॉम्प्लेक्स में मीडियम और लॉन्ग-रेंज मिसाइल सिस्टम बनाए जाएंगे. साथ ही, इसमें कंपोजिट प्रोपेलेंट मैन्युफैक्चरिंग और TNT व विस्फोटक-ग्रेड मटीरियल के प्रोडक्शन की फैसिलिटी भी होंगी, जिससे भारत की स्वदेशी डिफेंस प्रोडक्शन क्षमता मजबूत होगी. जीत अडानी ने कहा कि कंपनी अगले तीन सालों में इस प्रोजेक्ट में 2,500 करोड़ रुपए का निवेश करेगी. उन्होंने कहा कि अगले तीन सालों में हम 2,500 करोड़ रुपए के निवेश से यह अत्याधुनिक फैसिलिटी बनाएंगे, जिससे 5,000 लोगों को सीधे और इनडायरेक्टली रूप से रोजगार मिलेगा और 50 से ज़्यादा MSME एक बहुत ही खास सप्लाई चेन से जुड़ेंगे. कंपनी के अनुसार, आने वाली यह सुविधा ग्वालियर में मौजूद उसके डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स को और बेहतर बनाएगी, जहाँ वह लाइट मशीन गन, असॉल्ट राइफल और कार्बाइन बनाती है.
कुछ ऐसा है प्लानइन ऑपरेशन्स की प्रगति के बारे में बताते हुए जीत अडानी ने कहा कि हमारे लाइट मशीन गन (LMG) प्रोग्राम ने ही आर्म्ड फोर्सेज को 2,000 यूनिट्स की सप्लाई कर दी है – जो तय समय से 11 महीने पहले है! उन्होंने आगे कहा कि ग्वालियर और शिवपुरी की ये सुविधाएं मिलकर राज्य में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा क्लस्टर बनाएंगी. उन्होंने कहा कि ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश में डिफेंस इनोवेशन के दो इंजन की तरह काम करेंगे. वे यह पक्का करेंगे कि हमारे आसमान की सुरक्षा करने वाले एडवांस्ड सिस्टम गर्व के साथ भारतीय हाथों से, भारतीय धरती पर बनाए जाएं. यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में अडानी ग्रुप के बड़े इन्वेस्टमेंट प्लान का हिस्सा है. पिछले साल भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में, चेयरमैन गौतम अडानी ने राज्य में हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज, सीमेंट, माइनिंग, स्मार्ट मीटर और थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स में 1.10 लाख करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट की घोषणा की थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक 1.2 लाख नौकरियां पैदा करना है.
कई जिलो में हुआ है निवेशजीत अडानी ने बताया कि ग्रुप ने कटनी जिले में अपने अमेथा और कैमोर सीमेंट प्लांट्स में पहले ही 4,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट किया है, जबकि अडानी पावर अभी मध्य प्रदेश को 1,200 MW बिजली सप्लाई कर रही है और 5,600 MW की सप्लाई पर काम चल रहा है. उन्होंने धार, रतलाम और उज्जैन में चल रहे विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ उज्जैन में प्रस्तावित सीमेंट प्लांट और गुना में हाल ही में शुरू किए गए 1,060 करोड़ रुपये के सीमेंट प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया. इन निवेशों को राज्य के लंबे समय के विकास के लिए एक प्रतिबद्धता बताते हुए उन्होंने कहा कि ये निवेश सिर्फ प्लांट और फ़ैक्टरियों में नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के लोगों और भविष्य में किए जा रहे हैं.
DRDO और सशस्त्र बलों के साथ मिलकर कामरक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए केंद्र सरकार की कोशिशों का ज़िक्र करते हुए जीत अडानी ने कहा कि कंपनी, रक्षा उपकरणों के आयात पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और सशस्त्र बलों के साथ मिलकर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि शिवपुरी इस सफर में अगला बड़ा कदम है, क्योंकि हम मध्यम से लंबी दूरी की मिसाइल सिस्टम्स के निर्माण के लिए एक पूरी तरह से एकीकृत मिसाइल इकोसिस्टम ला रहे हैं, जिससे विदेशी निर्भरता की जगह घरेलू क्षमता लेगी.