
गांधीनगर, 6 जुलाई . Gujarat Government ने नकली और घटिया खाद (उर्वरक) बेचने के आरोपी चार लोगों के खिलाफ कालाबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने संबंधी अधिनियम, 1980 लागू किया है. कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने कहा कि नकली खाद और बीज बेचने में बार-बार शामिल अपराधियों को अब लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कारावास की सजा भी भुगतनी पड़ेगी.
Monday को इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए वाघानी ने कहा कि अमरेली जिले में नकली खाद की बिक्री की जांच के बाद चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि नकली खाद और बीज बेचने वाले बार-बार अपराध करने वालों के मामलों में पीबीएम अधिनियम के कड़े प्रावधान लागू होंगे.
उन्होंने कहा कि हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि Chief Minister भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली Government किसानों को धोखा देने वालों को बर्दाश्त नहीं करेगी. अवैध, प्रतिबंधित या घटिया कृषि सामग्री बेचने वालों के लाइसेंस न केवल रद्द किए जाएंगे, बल्कि बार-बार अपराध करने वालों पर पीबीएम अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें जेल भेजा जाएगा.
यह कार्रवाई अमरेली जिले के बाबरा तालुका के खंभला गांव में स्थित श्री फर्टिलाइजर से जुड़े कथित उर्वरक धोखाधड़ी की जांच के बाद की गई है.
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने नकली आईएफएफसीओ ब्रांड के बैग में पैक किए गए निम्न गुणवत्ता वाले डीएपी उर्वरक के 299 बोरे बरामद किए. तीन नमूनों को परीक्षण के लिए जूनागढ़ प्रयोगशाला भेजा गया, और तीनों ही गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे.
जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि खाद के लिए कोई खरीद चालान या स्रोत प्रमाण पत्र नहीं था, और न ही स्टॉक रजिस्टर में कोई संबंधित प्रविष्टि थी.
Government के अनुसार, आरोपियों में से एक राजकोट जिले के जसदान निवासी 33 वर्षीय महेश जापड़िया बरामद स्टॉक से कथित तौर पर जुड़ा हुआ था.
एक अन्य आरोपी बोटाद जिले के रामपारा गांव निवासी 26 वर्षीय जिग्नेश डाभी पर किसानों को आपूर्ति की जाने वाली असली सब्सिडी वाली डीएपी खाद बताकर नकली आईएफएफसीओ ब्रांड के प्लास्टिक बैग में पैक की गई अत्यंत घटिया खाद बेचने का आरोप है. जांच में यह भी पता चला कि जापड़िया ने डाभी से खाद खरीदी थी.
तीसरे आरोपी, सूरत निवासी 30 वर्षीय विजय मालवीय पर अन्य लोगों के साथ मिलकर किसानों को असली सब्सिडी वाली खाद बताकर नकली आईएफएफसीओ ब्रांड के ब्रांड वाले नकली बैग में पैक की गई अत्यंत घटिया डीएपी खाद बेचने का आरोप है.
चौथे आरोपी अमरेली जिले के 39 वर्षीय भरत धनानी पर आरोप है कि उसने आईएफएफसीओ और Prime Minister भारतीय जन उर्वरक परियोजना (India डीएपी) के ब्रांडिंग वाले नकली प्लास्टिक बैग छापे. अधिकारियों का आरोप है कि इन बैगों में घटिया खाद भरा हुआ था और उन्हें असली बताकर बेचा गया था.
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एमएस/