Raipur Factory Blast: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित बेंड्री की 3डी इनोवेशन फैक्ट्री में मंगलवार शाम हुए भीषण विस्फोट ने तीन मजदूरों की जान ले ली. धमाका इतना जबरदस्त था कि मृतकों के शरीर के अंग करीब 200 मीटर दूर तक जा गिरे. हादसे के बाद पूरे फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई. सूचना मिलते ही उरला पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया.
हादसे में कमल सिंह (25), लाल सिंह और अरुण पांडे (19) की मौत हो गई. कमल सिंह ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया, जबकि लाल सिंह और अरुण पांडे की मौके पर ही मौत हो गई थी. मृतक कमल सिंह और लाल सिंह मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के निवासी थे, जबकि अरुण पांडे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला था. हादसे में कई अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
सिलेंडर ब्लास्ट की आशंकारायपुर के नॉर्थ जोन डीसीपी मयंक गुर्जर ने बताया कि शुरुआती जांच में फर्नेस के पास ऑक्सीजन सिलेंडर फटने की बात सामने आई है. विस्फोट के समय आसपास कई मजदूर काम कर रहे थे, जो इसकी चपेट में आ गए. हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में पिग आयरन (कच्चा लोहा) तैयार किया जाता है, जिससे वाहनों के विभिन्न पुर्जे बनाए जाते हैं. विस्फोट के समय फर्नेस के पास उत्पादन कार्य जारी था.

हादसे के बाद मृतकों और घायलों के परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था और मजदूरों से लापरवाही के साथ काम कराया जाता था. परिजनों का आरोप है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते तो इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी.
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री के भीतर मौजूद मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. ऐसा लगा कि बम फटा हो. हादसे के बाद कुछ समय तक फैक्ट्री प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारी भी मौके पर दिखाई नहीं दिए.
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसेछत्तीसगढ़ में औद्योगिक इकाइयों में विस्फोट की घटनाएं नई नहीं हैं. पिछले कुछ वर्षों में कई फैक्ट्रियों में ब्लास्ट के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कई मजदूरों की जान गई है. इसके बावजूद औद्योगिक सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
प्रशासन हादसे के कारणों की जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं. यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. मृतकों के परिवार अब इस हादसे के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.