कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की एक रैली के दौरान पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा कथित तौर पर एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने से बंगाल की सियासत गरमा गई है. बीजेपी ने ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. बीजेपी नेता केया घोष ने ममता बनर्जी को हताश बताया है.
BJP नेता केया घोष ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि वह (ममता बनर्जी) बहुत वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि वह बहुत हताश हैं. जाहिर है, ऐसा सुवेंदु अधिकारी से लगातार हारने के बाद हुआ है. इसके बाद उनकी पार्टी को बुरी हार का सामना करना पड़ा. उन्होंने आगे कहा कि और अब ममता बनर्जी के कई सबसे वफादार समर्थक भी उन्हें छोड़कर चले गए हैं, चाहे वे सांसद हों या विधायक. शायद वह अपनी हताशा और गुस्से पर काबू नहीं रख पा रही हैं.
TMC प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने का कथित वायरल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस मामले को लेकर न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए टीएमसी नेता ने ममता बनर्जी का बचाव किया. पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद सौगत रॉय ने कहा कि तो क्या हुआ. उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के बहुत करीब हैं. वह उनके प्रति स्नेह दिखाती हैं और ऐसा भी करती हैं. सौगत रॉय ने कहा कि ममता बनर्जी अपने कार्यकर्ताओं के साथ जो चाहें, वह कर सकती हैं.
Mamata Banerjee lost her temperament & slapped her own party worker, while he was trying to control the crowd & make way for her. From her actions we can understand how much frustrated she is. pic.twitter.com/vqx1vWSIpa
— Priyanka Sharma 🇮🇳 (@Priyankabjym) July 8, 2026
क्या है पूरा मामला
कालीघाट में टीएमसी की एक रैली के दौरान अफरा-तफरी और हंगामा मच गया. बुधवार की रैली में मौजूद कुछ लोगों के अनुसार हंगामे के चलते कई लोग बीमार पड़ गए. टीएमसी नेता उन्हें कार से अस्पताल भेजने की व्यवस्था कर रही थीं और भीड़ से हटने का इशारा कर रही थीं. तभी उन्होंने गलती से एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया. बता दें कि बारुईपुर में एक नाबालिग के साथ रेप और हत्या के विरोध में तृणमूल के छात्र और युवा विंग की ओर से आयोजित यह रैली शुरू से ही तनावपूर्ण रही.
बीजेपी-टीएमसी कार्यकर्ताओं में मारपीट
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि रैली के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट से अनुमति मिली हुई थी, लेकिन बीजेपी समर्थकों ने जुलूस में घुसकर हंगामा किया. नारों के बीच स्थिति बिगड़ी और मारपीट शुरू हो गई. पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी के बावजूद स्थिति को नियंत्रण में नहीं लाया जा सका. पार्टी के छात्र और युवा विंग के कार्यकर्ताओं की बुरी तरह पिटाई हुई.