'पिता की हत्या का बदला लेकर रहेंगे…', खामेनेई के सुपुर्द-ए-खाक होने के बाद बोले मुज्तबा
TV9 Bharatvarsh July 11, 2026 11:43 PM

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के 9 जुलाई को सुपुर्द-ए-खाक होने के बाद उनके बेटे और नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने मुल्क को पहली बार संबोधित किया है. इस दौरान उन्होंने अमेरिका और इज़राइल से अपने पिता की हत्या का बदला लेने का जिक्र किया. साथ ही अपने पिता अली खामेनेई और परिवार के अन्य मृतक सदस्यों के जनाजे में शामिल हुई भीड़ की भी दिल खोलकर तारीफ की.

मुज्तबा ने बदला लेने की कसम खाई

अलजजीरा के मुताबिक मुल्क के नाम संबोधन में मुज्तबा खामेनेई ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने की कसम खाई. उन्होंने कहा कि उनके ‘बेगुनाह खून का बदला लेकर रहेंगे. बदला लेना हमारे देश की इच्छा है. बदला लेना नारा ही नहीं बल्कि जरूरी भी है, चाहे वह खुद पद पर रहे या न रहे.’ मुज्तबा खामेनेई ने आगे कहा कि ‘हम शहीद नेता और इन दो युद्धों के सभी शहीदों के पवित्र खून का बदला लेने की कसम खाते हैं. जिन लोगों ने ईरान पर हमला किया, वे बिस्तर पर शांति से मौत की इच्छा लिए ही रह जाएंगे. हम उन्हें सीधे कब्र में पहुंचाएंगे. इसके लिए हम एक लिस्ट बना रहे हैं.’

मुज्तबा ने पिता के जनाजे में आई भीड़ की तारीफ की

मुज्तबा ने उन लाखों लोगों का आभार व्यक्त किया जो उनके पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए. उन्होंने इस भीड़ को ऐतिहासिक और दुश्मन की कमर तोड़ने वाली बताया है. उन्होंने कहा कि यह दुश्मन का मनोबल तोड़ने वाली और परास्त करने वाली भीड़ थी.बता दें कि ईरान ने अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के कार्यक्रम को भव्य तरीके से आयोजित करते हुए दुनिया को उसके देश के अंदर एकजुटता होने का संदेश दिया.

युद्ध के पहले दिन ही हो गई थी अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या

अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या फरवरी में ईरान-अमेरिका के युद्ध के पहले दिन ही हो गई थी.हाल ही में 4 जुलाई से लेकर 9 जुलाई के बीच ईरान में अंतिम विदाई का कार्यक्रम हुआ. 9 जुलाई को उन्हें मशहद में दफनाया गया. उनके अंतिम जनाजे के कार्यक्रम में देश-विदेश भारी संख्या में लोग पहुंचे थे. इस दौरान ईरानी सेना ने हवाई और सीमाएं दोनों ही मोर्चों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया था.

ईरान-अमेरिका के बीच टूट गया है सीजफायर का समझौता

ईरान अमेरिका के बीच फरवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर जून के पहले हफ्ते तक, तकरीबन 4 महीने तक संघर्ष चलता रहा. फिर, जून के मध्य में दोनों देशों के बीच 17 जून 2026 को 60 दिनों का सीजफायर समझौता (MoU) हुआ. लेकिन 8 जुलाई तक आते-आते यह समझौता टूट गया. मंगलवार यानी 7 जुलाई को होर्मुज स्ट्रेट में ईरान में तीन जहाजों को निशाना बनाया. जवाब में ठीक अगले दिन अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ अटैक किए. फिलहाल, दोनों देशों के बीच लगातार हमले जारी है. इससे एक बार फिर खाड़ी देशों में तनाव का स्तर बढ़ गया है.

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