मोहनलाल के पास 10 हाथी दांत होने के खुलासे पर हरकत में वन विभाग, मांगी पूरी जानकारी
Indias News Hindi July 15, 2026 06:43 PM

कोच्चि, 15 जुलाई . मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल द्वारा अपने पास पांच जोड़ी हाथी के दांत (कुल 10 दांत) होने का खुलासा किए जाने के बाद केरल वन विभाग सक्रिय हो गया है. विभाग ने Actor से हाल ही में घोषित की गई तीन अतिरिक्त जोड़ी हाथी के दांतों से संबंधित सभी दस्तावेज और विस्तृत जानकारी जल्द उपलब्ध कराने को कहा है.

मोहनलाल ने वन विभाग को बताया है कि उनके पास मौजूद सभी हाथी के दांत उन्हें वर्षों के दौरान उपहार स्वरूप मिले थे. इसके अलावा उन्होंने 13 हाथीदांत (आइवरी) से बनी कलाकृतियों के स्वामित्व की भी घोषणा की है, जिन्हें उन्होंने भी उपहार में मिला हुआ बताया है.

यह खुलासा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाथी के दांतों के स्वामित्व से जुड़ा मामला पहले से ही अदालत में लंबित है.

दरअसल, केरल Government ने वर्ष 2015 और 2016 में जारी आदेशों के तहत मोहनलाल को दो जोड़ी हाथी के दांत अपने पास रखने की अनुमति दी थी. इसके बाद वन विभाग ने उन्हें स्वामित्व प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया था. हालांकि, बाद में केरल हाईकोर्ट ने प्रक्रिया में कानूनी खामियां बताते हुए इस प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया था.

वन विभाग की एकमुश्त घोषणा (वन-टाइम सेटलमेंट) योजना के दौरान, जो अघोषित वन्यजीव वस्तुओं के लिए लागू की गई थी, मोहनलाल ने अपने पास तीन और जोड़ी हाथी के दांत होने की जानकारी दी. इसके साथ ही उनके पास मौजूद हाथी के दांतों की संख्या बढ़कर पांच जोड़ी हो गई.

इस खुलासे के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधान भी चर्चा में आ गए हैं. कानून के अनुसार हाथी के दांत या आइवरी से बनी वस्तुएं सामान्य तौर पर उपहार के रूप में प्राप्त नहीं की जा सकतीं. ऐसे सामान का वैध स्वामित्व तभी माना जाता है, जब वे कानूनी रूप से विरासत में मिले हों या वैध दस्तावेजों के साथ विधिसम्मत तरीके से हस्तांतरित किए गए हों.

वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल प्रारंभिक जांच की गई है. जरूरत पड़ने पर हाथी के दांतों की फोरेंसिक और डीएनए जांच भी कराई जाएगी, जिससे उनकी उम्र, स्रोत और वैधता का पता लगाया जा सके.

अधिकारियों का कहना है कि यदि वैज्ञानिक जांच में यह साबित होता है कि ये हाथी के दांत अलग-अलग हाथियों के हैं और इनके संबंध में कानून के अनुरूप दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो मामला और गंभीर कानूनी रूप ले सकता है.

वन विभाग ने मोहनलाल से जांच पूरी करने के लिए सभी संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है.

डीएससी

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.