नोएडा के सेक्टर 66 (ममूरा) स्थित एक बिल्डिंग की पार्किंग में खड़ी इलेक्ट्रिक बाइक में स्पार्किंग हुई और देखते ही देखते भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की जान चली गई. फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. इस भयावह घटना ने हर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मालिक के मन में एक सवाल पैदा कर दिया है. सवाल ये है कि अगर आपके इलेक्ट्रिक स्कूटर या गाड़ी में आग लग जाए, तो क्या बीमा कंपनी इस नुकसान की भरपाई करती है? इसका सीधा जवाब है- हां, लेकिन इसके लिए आपकी बीमा पॉलिसी का सही होना बेहद जरूरी है.
EV में आग लगने पर मिलता है बीमा कवरबीमा एक्सपर्ट मनोज जैन के अनुसार, फिलहाल सरकार या इंश्योरेंस कंपनियों की तरफ से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कोई अलग से विशेष गाइडलाइन या अलग पॉलिसी नहीं बनाई गई है. जैसे-जैसे ईवी सेक्टर में बीमा दावों में वृद्धि होगी, भविष्य में कोई न कोई नई पॉलिसी जरूर आएगी. मौजूदा व्यवस्था में आपके इलेक्ट्रिक वाहन को कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी (Comprehensive Motor Insurance Policy) के तहत ही कवर किया जाता है. अगर आपकी ई-बाइक या कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट-सर्किट से आग लगती है या सड़क पर चलते हुए वाहन धू-धू कर जलने लगता है, तो यह सब इसी पॉलिसी के दायरे में आता है.
कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस में है फायदाअगर आपके वाहन में आग लग जाती है, तो मुआवजे की रकम पूरी तरह से आपकी पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करेगी.
मुआवजे की राशि आपकी गाड़ी की ‘आईडीवी’ (IDV – Insured Declared Value) यानी बीमा कराते समय तय की गई कीमत पर निर्भर करती है. सामान्य पॉलिसियों में गाड़ी की उम्र के हिसाब से कटौती (डेप्रिसिएशन) करके पैसे दिए जाते हैं. हालांकि, अगर आपने जीरो डेप्रिसिएशन या रिटर्न टू इनवॉइस जैसे एड-ऑन कवर ले रखे हैं, तो आपको वाहन की लगभग पूरी कीमत वापस मिल सकती है.
इन गलतियों से रिजेक्ट हो सकता है आपका क्लेमएक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि गर्मी के मौसम में अपने वाहनों की सर्विसिंग समय पर कराएं और वायरिंग की जांच नियमित रूप से कराते रहें. इसके अलावा, अपनी पॉलिसी के दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें ताकि मुश्किल वक्त में आपको भटकना न पड़े.