30 साल से ज्यादा उम्र के सैनिकों का हार्मोन टेस्ट कराएगी अमेरिकी सरकार, क्या है मकसद?
TV9 Bharatvarsh July 16, 2026 02:42 PM

अमेरिकी सरकार 30 साल से अधिक उम्र के सैनिकों का हार्मोन टेस्ट कराएगी. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार को इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि 30 साल से अधिक उम्र के सैनिकों के लिए साल में एक बार टेस्टोस्टेरोन टेस्ट कराना जरूरी होगा. इसका मकसद सैनिकों में टेस्टोस्टेरोन यानी उसके हार्मोन की कमी को दूर करना है, ताकि सैनिक पूरी ताकत और क्षमता से काम कर सकें.

हेगसेथ ने ये भी कहा कि जिन सैनिकों में कमी पाई जाएगी, उन्हें जांच के बाद जरूरत पड़ने पर सैनिकों को ‘टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी’ भी दी जाएगी, जिससे सैनिकों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सही हो, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता से काम कर सकें. उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि विज्ञान भी यह मानता है कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर स्वाभाविक कम होने लगता है.

सैनिकों की हर साल होगी मेडिकल जांच

अमेरिकी रक्षा सचिव के मुताबिक, अब हर साल 30 साल या उससे बड़े अमेरिकी सैनिकों की मेडिकल जांच होगी. इसमें उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन के लेवल को मापा जाएगा. अगर किसी सैनिक के शरीर में इस हार्मोन की कमी पाई जाती है, तो वह अपनी मर्जी से ‘हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी’ ले सकता है. 30 साल से कम उम्र के सैनिक भी मांग करके यह जांच करवा सकते हैं.

इस फैसले पर डेमोक्रेट्स ने उठाए सवाल

यह फैसला तब आया है जब अमेरिकी सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टोस्टेरोन इलाज से जुड़े कुछ पुराने कड़े नियमों को आसान बनाने की घोषणा की है. हालांकि, इस फैसले पर डेमोक्रेट्स ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सरकार ने कुछ समय पहले ट्रांसजेंडर सैनिकों के हार्मोन इलाज पर रोक लगा दी थी. विपक्षी नेताओं (समर ली और सीनेटर टैमी डकवर्थ) का कहना है कि जब सरकार आम सैनिकों को हार्मोन बदलने का इलाज दे रही है, तो यह भी एक तरह की ‘जेंडर-अफर्मिंग केयर’ ही है. फिर ट्रांसजेंडर सैनिकों के लिए अलग नियम क्यों?

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