देशभर में नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक और धांधलियों को लेकर मचे घमासान के बीच अब तमिलनाडु की राजनीति में एक नया और बड़ा भूचाल आ गया है। दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय खुलकर छात्रों के समर्थन में उतर आए हैं। तमिल सिनेमा के मशहूर ‘थलपति’ विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कज़गम (TVK) ने नीट परीक्षा को लेकर एक ऐसी मांग रख दी है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
नीट परीक्षा को पूरी तरह खत्म करने की उठी मांगमेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे देश के लाखों छात्रों के हक में आवाज बुलंद करते हुए TVK ने मंगलवार को दो टूक कहा कि नीट परीक्षाओं में होने वाली धांधली और घोटालों को रोकना अब काफी नहीं है, बल्कि इस पूरी प्रवेश परीक्षा को ही हमेशा के लिए हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए। पार्टी का साफ मानना है कि जब तक यह परीक्षा रहेगी, तब तक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता रहेगा।
शिक्षा को राज्य सूची में लाने की वकालतछात्रों के भविष्य और राज्यों के अधिकारों का हवाला देते हुए TVK ने संविधान में बड़े बदलाव की मांग भी उठाई है। पार्टी का मानना है कि इस गंभीर समस्या के पक्के और स्थायी समाधान के लिए शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) से हटाकर सीधे राज्य सूची (State List) में ट्रांसफर कर दिया जाना चाहिए।
पार्टी ने यह भी कहा कि अगर ऐसा करने में कोई कानूनी अड़चन आती है, तो एक अंतरिम उपाय के तौर पर ‘विशेष समवर्ती सूची’ बनाई जानी चाहिए, जिससे राज्य सरकारों को मेडिकल एजुकेशन पर पूरा अधिकार मिल सके। पार्टी ने जोर देकर कहा कि यह हमारा स्थायी और अंतरिम दोनों तरह का विजन है, जिसे मुख्यमंत्री विजय पहले ही साफ कर चुके हैं।
डीएमके पर बोला तीखा हमलाइस दौरान तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी डीएमके पर जोरदार तंज कसते हुए TVK ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और आम जनता के साथ धोखे की राजनीति नहीं करती है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वे कभी भी सिर्फ वोटों के लालच में यह झूठा दावा नहीं करेंगे कि “हम अकेले अपने दम पर नीट रद्द करवा देंगे।” आपको बता दें कि डीएमके ने साल 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि सत्ता में आते ही राज्य से नीट को खत्म कर दिया जाएगा, जिसे लेकर अब सियासी छींटाकशी तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री विजय ने की धरने पर बैठे रैपर से मुलाकातइस पूरे घटनाक्रम के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री थलपति विजय ने नीट के खिलाफ धरना देने वाले लोकप्रिय रैपर ‘थेरुकुरल’ अरिवु से मुलाकात की। दरअसल, अरिवु ने नीट परीक्षा के विरोध में तमिलनाडु सचिवालय के बाहर धरना दिया था। शुरुआती हंगामे के बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री विजय के विशेष निर्देश पर उन्हें सचिवालय के अंदर बुलाया गया, जहां सीएम ने खुद उनसे मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान रैपर अरिवु ने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रवेश परीक्षा को लेकर अपनी गहरी चिंताएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार लंबे समय से नीट को खत्म करने की पुरजोर वकालत करती रही है। राज्य सरकार की हमेशा से यह मांग रही है कि तमिलनाडु के मेडिकल कॉलेजों में छात्रों का एडमिशन 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।