तमिलनाडु सरकार सरकारी स्कूलों के लिए एआई और नई प्रौद्योगिकी का पाठ्यक्रम लाने की योजना बना रही
Indias News Hindi July 22, 2026 03:44 PM

चेन्नई, 22 जुलाई . तमिलनाडु Government स्कूलों में टेक्नोलॉजी की शिक्षा का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है. इसके तहत सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए ‘इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ (नई उभरती प्रौद्योगिकी) का पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा और साथ ही स्टेट बोर्ड सिलेबस के तहत ऊंची कक्षाओं के लिए खास पाठ्यपुस्तकें भी तैयार की जाएंगी.

चेन्नई की अन्ना सेंटेनरी लाइब्रेरी में स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन की अध्यक्षता में Tuesday को ‘हाई-लेवल करिकुलम एक्सपर्ट कमिटी’ और ‘करिकुलम डेवलपमेंट कमिटी’ की पहली बैठक हुई, जिसमें इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई.

अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मकसद छात्रों को भविष्य के लिए जरूरी डिजिटल स्किल्स से लैस करना और स्कूलों में टेक्नोलॉजी-बेस्ड लर्निंग को मजबूत करना है.

फिलहाल, यह पाठ्यक्रम ‘तमिलनाडु स्कूल्स प्रोग्राम फॉर एआई, रोबोटिक्स एंड नॉलेज ऑफ ऑनलाइन टूल्स’ के तहत लगभग 5,000 सरकारी स्कूलों में पायलट आधार पर लागू किया जा रहा है.

इस अच्छे रिस्पॉन्स से उत्साहित होकर स्कूल शिक्षा विभाग अब इस प्रोग्राम को कक्षा 6 से 8 तक के सभी सरकारी स्कूलों में लागू करने की योजना बना रहा है.

अधिकारियों का कहना है कि यह पाठ्यक्रम पारंपरिक कंप्यूटर शिक्षा से कहीं आगे है. इसमें स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कंप्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग और डिजिटल टूल्स के बारे में सिखाया जाता है.

इस पाठ्यक्रम में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि स्टूडेंट्स सिर्फ थ्योरी तक सीमित न रहें, बल्कि असल जिंदगी की व्यावहारिक समस्याओं को हल करने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना सीखें.

स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) ने तमिलनाडु स्पार्क प्रोग्राम के तहत कक्षा 6 से 8 के लिए पहले ही द्विभाषी (दो भाषाओं वाली) पाठ्यपुस्तकें तैयार कर ली हैं.

उम्मीद है कि अगले एकेडमिक ईयर में क्लास 9 और 10 के लिए टेक्स्टबुक शुरू की जाएंगी और उसके बाद के चरण में क्लास 11 और 12 के लिए टेक्स्टबुक लाई जाएंगी.

सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में गणित और विज्ञान के शिक्षकों को (एससीईआरटी) द्वारा इस विषय को पढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी. प्रस्तावित पाठ्यक्रम को अलग-अलग क्लास के हिसाब से क्रमिक रूप से तैयार किया गया है.

कक्षा 6 के छात्र डिजिटल अवेयरनेस से शुरुआत करेंगे, जबकि क्लास 7 के छात्र उभरती हुई टेक्नोलॉजी और उनके इस्तेमाल के बारे में बुनियादी बातें सीखेंगे. क्लास 8 में छात्र प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट करेंगे. कक्षा 9 और 10 का पाठ्यक्रम असल जिंदगी की चुनौतियों से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर केंद्रित होगा.

छात्रों को जेनरेटिव एआई, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल और एआई-पावर्ड टेक्स्ट, इमेज और म्यूजिक जनरेशन जैसी एडवांस्ड कॉन्सेप्ट्स से भी परिचित कराया जाएगा. उन्हें जियोजेब्रा, गूगल अर्थ, पीएचईटी सिमुलेशन, स्टेलारियम और लिब्रे-ऑफिस जैसे एजुकेशनल टूल्स के साथ प्रैक्टिकल अनुभव मिलेगा.

स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव बी. चंद्र मोहन ने कहा कि Government कक्षा 11 और 12 के लिए उभरती हुई टेक्नोलॉजी के करिकुलम को एक वैकल्पिक विषय के तौर पर पेश करने पर भी विचार कर रही है.

उन्होंने कहा कि विभाग अभी इस कोर्स को शुरू करने के तौर-तरीकों पर काम कर रहा है, जिससे तमिलनाडु में स्टेट बोर्ड सिलेबस के तहत पढ़ाई कर रहे 60 लाख से अधिक छात्रों को फायदा होने की उम्मीद है.

ओपी/एएस

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