BCCI के इंजरी मैनेजमेंट की खुली पोल, हर सीरीज में इंजर्ड हो रहे खिलाड़ी! रिकवरी फेल, COE पर सवाल
रवीश बिष्ट July 23, 2026 12:42 PM

टीम इंडिया के मिशन वर्ल्ड कप में अब एक साल और कुछ महीनों का वक्त बाकी है, लेकिन क्रिकेट के विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए मुख्य खिलाड़ी फिट रहेंगे ये कहना मुश्किल है. इंग्लैंड में वनडे सीरीज हारने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने खिलाड़ियों की फिटनेस पर चिंता जताई थी. 

इंग्लैंड सीरीज से फिटनेस पर सवाल

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज में टीम इंडिया के धुरंधर खिलाड़ी इंजरी के जाल में फंसते नज़र आए. इनमें सिर्फ तेज गेंदबाज नहीं बल्कि स्पिनर्स भी शामिल रहे. इंजरी के बाद वापसी करने वाले तेज गेंदबाज हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते वनडे सीरीज से ही बाहर हो गए, जबकि हर्षित ने ब्रिटेन के इस दौरे में घुटने की चोट से वापसी की थी. 

यही हाल वरुण चक्रवर्ती का भी रहा. वरुण इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मैच में इंजर्ड हो गए और सीरीज से बाहर हो गए. बाद में जिम्बाब्वे दौरे से भी वरुण को ब्रेक दे दिया गया. टीम इंडिया के ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में चोटिल हो गए. हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से सुंदर तीसरे वनडे से बाहर हो गए. वहीं इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के आखिरी मैच में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी चोट की वजह से नहीं खेल पाए. 

अफगानिस्तान सीरीज से पहले इंजरी

इसी साल के जून में खेली गई अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज के लिए ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का चयन हुआ था. हार्दिक को बेंगलुरु स्तिथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से क्लीन चिट भी मिल गई थी, लेकिन अगले दिन बैक पैन की वजह से वो भी टीम से बाहर हो गए और अब तक बाहर है.

इससे पहले आईपीएल के दौरान टीम इंडिया के सबसे फिट खिलाड़ी विराट कोहली भी हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार हो गए और अफगानिस्तान सीरीज से बाहर हो गए. हालांकि, रोहित शर्मा को सीओई से क्लीन चिट मिल गई और वो अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरे. रोहित को भी IPL के दौरान हैमस्ट्रिंग इंजरी ने परेशान किया था. 

अफगान सीरीज में इंजरी

अफगानिस्तान सीरीज के तीसरे वनडे में टीम इंडिया के ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी मसल पेन की वजह से इंजर्ड हो गए और उसके बाद इंग्लैंड दौरे से उन्हें बाहर कर दिया गया. नीतीश की जगह ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को शामिल किया गया. नीतीश के साथ इंजरी का सिलसिला लगातार जारी है.

COE पर उठे सवाल

जिस तरह से टीम के खिलाड़ी लगातार इंजर्ड हो रहे हैं, उसने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर क्या कारण है कि विश्वस्तरीय सुविधाओं के बावजूद भी सीओई का मेडिकल स्टाफ खिलाड़ियों की इंजरी को सही तरीके से मैनेज नहीं कर पा रहा है. युवा खिलाड़ी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी अगली ही सीरीज में कैसे इंजर्ड हो जा रहे हैं. 

सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि इंजरी की लिस्ट में शामिल होने वाले ज़्यादातर खिलाड़ी युवा हैं. खास बात ये है कि ज़्यादातर खिलाड़ी  हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार बन रहे हैं. इसके बावजूद भी सीओई में कोई मैकेनिज्म क्यों नहीं लाया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी की इंजरी को ट्रैक किया जा सके. साफ है कि इंजरी का दौर अगर ऐसे ही चलता रहा तो मिशन वर्ल्ड कप पर खतरा मंडरा सकता है.

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