Mahabharat: महाभारत का शकुनी लंगड़ा कैसे हुआ, बदला पूरा करवाने के लिए किसने तोड़ी टांग?
TV9 Bharatvarsh July 24, 2026 12:43 AM

Shakuni’s Lame Leg: द्वापरयुग में कौरवों और पांडवों के बीच हुए महाभारत युद्ध की कहानी आज भी देखी और सुनी जाती है. कुरुक्षेत्र के मैदान 18 दिनों तक चले इस महायुद्ध में पांडवों को विजय मिली थी, लेकिन महाभारत सिर्फ युद्ध भर की काहनी है. यह प्रेम, अहंकार, कूटनीति, त्याग, और मानवीय रिश्तों का एक बहुत बड़ा दस्तावेज है. महाभारत में कई महत्वपूर्ण पात्रों के बारे में आज भी बात की जाती है. महाभारत के इन्हीं पात्रों में शामिल था कौरवों का मामा शकुनी. शकुनी महाभारत युद्ध के कारणों में से एक कारण था.

शकुनी ने बचपन से ही अपने भांजे दुर्योधन के मन में पांडवों के खिलाफ नफरत के बीज बोए थे और इसी चीज का परिणाम महाभारत का युद्ध था. शकुनि दुर्योधन का मामा अवश्य था, लेकिन उसमें हस्तिनापुर से बदला लेने की प्रबल भावना था. यही कारण था कि शकुनी ने हस्तिनापुर के विनाश के लिए दुर्योधन को हथियार बनाया था. शकुनी एक पैर से लंगड़ा था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसने और क्यों उसकी तांग तोड़ी थी. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

महाभारत की कथा के अनुसार…

महाभारत की कथा के अनुसार, शकुनि हमेशा से दुष्ट विचारों वाला नहीं था. वो अपनी बहन गांधारी से बहुत स्नेह रखता था. उसकी इच्छा थी कि उसकी बहन योग्य व्यक्ति से ब्याही जाए. शकुनि की कभी भी ये इच्छा नहीं थी कि गांधारी का विवाह नेत्रहीन धृतराष्ट्र के साथ हो, लेकिन भीष्म पितामह के दबाव के आगे उसकी और गांधार के महाराज यानी गांधारी के पिता राजा सुबल की एक न चली. फिर गांधारी का विवाह धृतराष्ट्र से करा दिया गया.

गांधारी से विवाह के बाद धृतराष्ट्र को गांधारी से जुड़ा एक सच पता चला, जिसके बाद उन्होंने गांधार राज्य पर हमला करवा दिया और गांंधारी के पिता राजा सुबल और भाई शकुनी समेत उनके पुरे परिवार को कारागार में डलवा दिया. कारागार में उन सभी को इतना ही भोजन दिया जाता था कि वह धीरे-धीरे भूख से तड़पकर दम तोड़ दें. ऐसे में शकुनि के पिता ने तय किया कि सभी के भोजन से शकुनी की जान बचाई जाए.

पिता ने ही तोड़ी थी शकुनी का टांग

शकुनी को बचाने का फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि वो बुद्धिमान और चतुर था. वो गांधार पर हो जाने वाले अन्याय का बदला ले सकता था, लेकिन उसके पिता ने उसको पास बुलाकर उसकी एक टांग पर अपनी शरीर के बल से लात मारी और तोड़ दी. इस वजह से शकुनी की लंगड़ाकर चलने लगा. शकुनी के साथ ऐसा इसलिए किया गया था, क्योंकि उसको अपने परिवार का अपमान की बात याद रहे और वो इसका बदला हस्तिनापुर से ले.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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