केंद्र सरकार पेपर लीक होने से रोकने के लिए बिल लाने की तैयारी में है. नकल-विरोधी मौजूदा कानूनों को और सख्त किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक पेपर लीक को लेकर सरकार पहले जो बिल लाई थी, उसी में संशोधन कर प्रावधानों को और कड़ा कर सकती है. केंद्र पेपर लीक को लेकर दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बाद 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में संशोधन लाने की योजना बना रहा है.
सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित संशोधनों को शुक्रवार (24 जुलाई) को होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल सकती है. वहीं नए संशोधन के बाद पेपर लीक में दोषी पाए जाने वालों को 10 साल की कैद की सजा हो सकती है और 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है. हालांकि इस पर अभी आधिकारिक जानकारी आनी बाकी है.
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— ABP News (@ABPNews) July 24, 2026
पीएम मोदी ने भी पेपर लीक बिल का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर गुरुवार देर रात बयान जारी किया. उन्होंने कहा, 'पेपर लीक घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में कई असरदार कदम उठाए गए हैं. मैंने आज विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे. विभागों ने मुझे देर रात प्रस्ताव दे दिया. इस प्रस्ताव पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी. कैबिनेट के साथियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. सोमवार से संसद का दूसरा हफ्ता शुरू हो रहा है, इसलिए उस बिल को जल्द से जल्द सदन में पारित कराने का प्रयास जाएगी.'
गौरतलब है कि सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत पेपर लीक मामले में तीन से पांच साल की कैद की सजा का प्रावधान था, वहीं 10 लाख रुपए तक का जुर्माना भी शामिल था. हालांकि अब सरकार इसे और सख्त करने की तैयारी में है.
क्या-क्या हो सकते हैं नए संशोधन
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