लगातार 3 सीरीज हारने के बाद टीम इंडिया को एक सफलता मिल गई. जिम्बाब्वे दौरे पर टी20 सीरीज खेलने गई टीम इंडिया ने यहां 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया. भारतीय टीम ने इस सीरीज के तीनों मैच में मेजबान जिम्बाब्वे को एकतरफा अंदाज में हराया और ट्रॉफी उठाई. मगर जहां बैटिंग और बॉलिंग में भारतीय खिलाड़ी अव्वल रहे, वहीं फील्डिंग में इतने फिसड्डी हाल रहे कि शर्म आ जाए. आखिरी मैच में टीम इंडिया ने कुल 5 कैच टपका दिए, जिसमें से 3 बार तो एक ही गेंदबाज को निराशा हाथ लगी.
हरारे में खेले गए सीरीज के आखिरी मैच में भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी के दम पर 192 रन बनाए. फिर मयंक यादव और यश ठाकुर समेत सभी गेंदबाजों ने मिलकर जिम्बाब्वे को सिर्फ 157 रन पर रोक दिया. इस तरह टीम इंडिया ने ये मैच 35 रन से अपने नाम कर लिया. ये सीरीज जीतकर टीम इंडिया ने अपने हार के सिलसिले पर तो ब्रेक लगाया लेकिन फील्डिंग का स्तर इस बार भी गिरा हुआ ही नजर आया.
आखिरी मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 5 आसान कैच गिराए, जिसमें ग्लव्स पहने विकेटकीपर ईशान किशन भी शामिल थे, जिन्होंने सबसे आसान कैच ड्रॉप किया. वहीं उप-कप्तान तिलक वर्मा ने भी अपनी फील्डिंग से निराश किया. इन दोनों के अलावा वैभव सूर्यवंशी ने भी एक कैच छोड़ा, जो थोड़ा मुश्किल था. हालांकि उन्होंने पारी की पहली ही गेंद पर एक तेज कैच लपका था. इनके अलावा तेज गेंदबाज मयंक यादव और सब्स्टीट्यूट आए फील्डर हर्ष दुबे ने भी एक-एक जीवनदान दिया.
कुल मिलाकर इस पूरी सीरीज में टीम इंडिया ने 7 आसान कैच छोड़े. दूसरे मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने 2 जीवनदान जिम्बाब्वे को दिए थे. मगर सिर्फ कैच ही नहीं बल्कि भारतीय फील्डरों ने रन आउट के 3 मौके भी इस सीरीज में गंवाए. इस तरह टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों पर मेहरबानी दिखाते हुए विकेट झटकने के 10 मौके छोड़ दिए. इसके उलट जिम्बाब्वे की ओर से पूरी सीरीज में सिर्फ एक कैच ड्रॉप किया गया.
अब भले ही ट्रॉफी टीम इंडिया की झोली में आई हो लेकिन फील्डिंग का गिरता स्तर टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय है. चिंता का विषय इसलिए क्योंकि ये हाल सिर्फ इस एक सीरीज में नहीं हुआ है बल्कि इससे पहले इंग्लैंड दौरे पर भी ऐसी स्थिति दिखी थी. तब टी20 सीरीज में भारतीय फील्डरों ने 5 कैच ड्रॉप किए थे. वहीं इससे पहले IPL में खेलते हुए भी इन सब खिलाड़ियों ने फील्डिंग में कई बार इन गलतियों को दोहराया था.