लॉन्ग मार्च, प्रदर्शन और फायरिंग… PoJK के रावलाकोट में क्यों बिगड़े हालात?
TV9 Bharatvarsh July 28, 2026 04:42 AM

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के रावलाकोट, मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में उस समय तनाव चरम पर पहुंच गया, जब जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने मुजफ्फराबाद तक “लॉन्ग मार्च” का आह्वान किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें रोकने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कई जगहों पर गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे. दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई.

JKJAAC (जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी) एक नागरिक संगठन है, जिसमें व्यापारी, वकील, छात्र, ट्रांसपोर्टर और अन्य सामाजिक संगठन शामिल हैं. यह संगठन लंबे समय से महंगी बिजली, आटे की कीमत, टैक्स, बेरोजगारी और सरकारी सुविधाओं में सुधार जैसी मांगों को लेकर आंदोलन करता रहा है. इन मांगों को लेकर ही JKJAAC पिछले कई महीनों से पाकिस्तानी सरकार और फौज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है.

लॉन्ग मार्च क्यों निकाला गया?

संगठन का आरोप है कि सरकार ने पहले हुए समझौतों और जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं किया. इसी के विरोध में मुजफ्फराबाद की ओर लॉन्ग मार्च का ऐलान किया गया. प्रशासन ने मार्च रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए, अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए और आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाए. इस बीच रावलाकोट में बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए जुटे.

प्रदर्शनकारियों पर की फायरिंग

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यहां प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हुआ. हालात बिगड़ने पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और कई स्थानों पर फायरिंग होने की भी खबरें सामने आईं. इन घटनाओं में 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने और 5 लोगों की मौत की भी रिपोर्टें आई हैं. हालांकि, अलग-अलग स्रोतों में मृतकों और घायलों की संख्या अलग-अलग बताई गई है.

क्या हैं मांगें?

प्रदर्शनकारी बिजली की दरों में कमी, आटे और जरूरी सामान पर सब्सिडी, महंगाई पर नियंत्रण, सरकारी खर्च और वीआईपी सुविधाओं में कटौती और जनता से किए गए पुराने वादों को लागू करने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को दरकिनार कर रही है.

सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है. कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन पाई.

#WATCH | रावलकोट, PoJK: स्थानीय लोगों ने रावलकोट में सुरक्षा बलों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग का आरोप लगाया, क्योंकि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करने की तैयारी कर रहे थे।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अकील भाई ने इस घटना के बारे में बताया है, जिसमें हालात और आगे pic.twitter.com/FOKszd2R5l

— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 27, 2026


नतीजतन, PoJK में रैलियों और विरोध मार्च का दौर तेज हो गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे.

दो जिलों में विधानसभा चुनाव 10 अगस्त तक टाले

जारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए, सुधनौती और रावलकोट जिलों में विधानसभा चुनाव 10 अगस्त तक टाल दिए गए हैं. मौजूदा हालात ने PoJK में राजनीतिक और प्रशासनिक अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है. अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ और बातचीत करेगी या टकराव और बढ़ेगा.

2024 में भी PoJK में बिगड़े थे हालात

यह पहली बार नहीं है जब PoJK की जनता सड़कों पर उतरी है. 2024 में भी महंगाई, बिजली की दरों और आटे की कीमतों को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए थे. उस समय विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए थे, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी और पाकिस्तान सरकार को भारी सुरक्षा बल तैनात करने पड़े थे. जनता के दबाव के बाद, सरकार को एक आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा करनी पड़ी थी.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.