Women Lingerie Tips: एक फिल्म इन दिनों बेहद चर्चा में है, नाम है Off Campus. इस फिल्म की किरदार हन्ना वेल्स को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। खासकर महिलाएं, क्यों कि इस फिल्म में महिलाओं का ऑब्जेक्टिफिकेशन न करके उनके आत्मविश्वास को दर्शाया गया है।
इस फिल्म के साथ ही महिलाओं की एक पुरानी समस्या फिर से सवाल बनकर खड़ी हो गई है, सवाल है क्या सही फिटिंग की ब्रा खरीदना आज भी उतना ही मुश्किल है?
भारत में लाखों महिलाएं आज भी अपनी सही ब्रा साइज नहीं जानती हैं। कई बार उन्हें बाजार में मौजूद साइज के अनुसार समझौता करना पड़ता है। दरअसल, ऑफलाइन स्टोर्स में ट्रायल की सुविधा सीमित होती है, वहीं ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोडक्ट की क्वालिटी और फिटिंग, जैसी दिखती है, वैसी नहीं होती है। इसलिए यह काम आज भी महिलाओं के लिए चुनौती बना हुआ है।
से जुड़े लोगों का मानना है कि ब्रा की फिटिंग सिर्फ बैंड या कप साइज पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बस्ट शेप, बॉडी स्ट्रक्चर और सपोर्ट की जरूरत पर भी निर्भर करती है। ऐसा भी हो सकता है कि समान माप वाली दो महिलाओं के लिए अलगअलग ब्रा चॉइस या स्टाइल हो।
ब्रा साइज समय के साथ बदलता हैलॉन्जरी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक महिला का ब्रा साइज जीवनभर एक जैसा नहीं रहता। किशोरावस्था, वजन में बदलाव, , गर्भावस्था, स्तनपान और मेनोपॉज जैसे जीवन के अलगअलग चरणों में ब्रा साइज कई बार बदलता है। इसलिए सालों तक एक ही साइज़ की ब्रा पहनना सही नहीं माना जाता। समयसमय पर यह बदलता रहता है।
भारत में क्यों होती है सही फिट की कमी?दरअसल, भारतीय बाजार में लंबे समय तक सीमित कप साइज उपलब्ध रहे हैं। जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर A, B, C या D से आगे भी कई कप साइज मौजूद हैं यानी हर टाइफ की बॉडी के लिए वहां प्रोडक्ट उपलब्ध होते हैं। यही वजह है कि कई महिलाएं विदेशी ब्रांड्स पर निर्भर रहती है।
कैसे करें चयन?अगर आप पहली बार या नई ब्रा खरीद रही हैं, तो निम्न बातों का ध्यान रखें
अगर ब्रा की स्ट्रैप बारबार फिसल रही है, बैंड ऊपर की ओर चढ़ रहा है, कप से ब्रेस्ट बाहर आ रहे हैं या लंबे समय तक पहनने के बाद दर्द और असहजता महसूस हो रही है, तो यह बताता है कि आपकी ब्रा का साइज परफेक्ट नहीं है।